पंजाब, राजस्थान में जमकर बरसे, बिहार-मेघालय बूंदों को तरसे; समय से पहले आया मानसून समय से पहले लौट रहा

भारत में इस साल मानसून में सामान्य से ज्यादा यानी 107 फीसद बारिश हुई। जल्दी दस्तक देने वाला मानसून अब तय समय से पहले विदा भी हो रहा है। जहां अधिकांश राज्यों में अच्छी या सामान्य बारिश हुई, वहीं मेघालय और बिहार जैसे राज्यों में कमी दर्ज की गई। विदाई से पहले कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है।

मानसून भारत के लिए कितना जरूरी है यह तो आप सब जानते ही हैं। हमारे यहां फसल कितनी होगी और देश की विकास की रफ्तार क्या रहेगी, यह सब भी मानसून पर ही निर्भर करता है। मानसून में इस साल जमकर बारिश हुई। अच्छी बारिश के कारण इस साल देश के ज्यादातर हिस्सों में लोगों के चेहरे खिले रहे। हालांकि, कुछ राज्यों में अत्यधिक बारिश के कारण नुकसान भी काफी झेलना पड़ा, जिससे जानमाल की हानि भी काफी हुई। इसी तरह देश के कुछ राज्यों में अच्छे मानसून के बावजूद सूखे जैसे हालात देखने को मिले। कुल मिलाकर इस साल मानसून के सीजन में 107 फीसद बारिश दर्ज की गई। समय से पहले आया मानसून, समय से पहले ही विदायी भी ले रहा है। चलिए जानते हैं इस साल के मानसून का लेखा जोखा।

monsoon vidai

समय से पहले मानसून की विदायी

केरल तट पर इस साल मानसून ने 24 मई को ही दस्तक दे दी थी। जबकि आमतौर पर मानसून के केरल तट पर पहुंचने का समय 1 जून है। समय से पहले देश में दस्तक देने वाला मानसून वापसी का रास्ता पकड़ चुका है। 14 सितंबर तक देश में सामान्य तौर पर 784.3 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस साल 840.4 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई है। इस तरह मानसून के सीजन में सामान्य से ज्यादा यानी 107 फीसद बारिश हुई है।

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