Meerut GST Fraud Case: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) मेरठ में क्राइम ब्रांच ने 17 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले का खुलासा किया है। आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर नकली बिल और गलत रिटर्न के जरिए टैक्स चोरी कर रहे थे। पुलिस ने वसीम अकरम को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान गाजियाबाद के मुरादनगर निवासी 38 वर्षीय वसीम अकरम उर्फ मोनू के तौर पर हुई। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी कंपनियां बनाई और जीएसटी फ्रॉड किया।पुलिस इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
सांकेतिक फोटो
टैक्स चोरी का बड़ा रैकेट उजागर
पुलिस के अनुसार, थाना ब्रह्मपुरी में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी फर्मों के माध्यम से फर्जी बिल बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल किया और सरकार को लगभग 17 करोड़ रुपये की राजस्व हानि पहुंचाई। जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य फर्जी आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर कंपनियां बनाते थे और गलत जीएसटी रिटर्न दाखिल कर टैक्स चोरी करते थे। इसके अलावा, उन्होंने ई-वे बिल में हेराफेरी, गलत एचएसएन कोड का इस्तेमाल और सर्कुलर ट्रेडिंग के जरिए भी कर चोरी को अंजाम दिया।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर वसीम अकरम को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी फर्मों के जरिए जीएसटी धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
(इनपुट - भाषा)
