Shri Krishna Janmabhoomi: दिल्ली से मथुरा पहुंचने में लगेगा इतना समय, जानें कितने बजे मिलेंगे प्रभु श्री कृष्ण के दर्शन

Shri Krishna Janmabhoomi- दिल्ली से वृन्दावन की दूरी लगभग 182 किलोमीटर है। दिल्ली से वृंदावन पहुंचने में लगभग साढ़े तीन घंटे का वक्त लग सकता है। वहीं, अब मंदिर खुलने का समय सुबह 6 बजकर 30 मिनट है।

मथुरा: भागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ी राहत के लिए ब्रेक जरूरी है। रोजाना की दिनचर्या से बोर हो गए हैं तो कहीं घूमने जाने की योजना बना सकते हैं। अगर, आप दिल्ली-एनसीआर या गुरुग्राम में रहते हैं तो आप कुछ नजदीकी पर्यटन स्थलों की सैर पर जा सकते हैं, जहां आपको घूमने के लिए अधिक छुट्टियों की जरूरत नहीं होगी। जी हां, यूपी के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा-वृंदावन है। दिल्ली से मथुरा-वृंदावन की दूरी महज कुछ घंटों की है। इस सफर के लिए न तो आपको बहुत ज्यादा पैसों की जरूरत है और न ही लंबी छुट्टी की। महज दो दिन की छुट्टी में आप दिल्ली से वृंदावन जा सकते हैं। तो चलिए हम आपको इन शहरों से मथुरा जन्मभूमि मंदिर की दूरी और मंदिर खुलने का समय समेत अन्य पहलुओं से रूबरू कराते हैं।

Shri Krishna Janmasthan

श्री कृष्ण जन्मभूमि

दिल्ली से 182 किलोमीटर दूर मथुरा

दिल्ली से वृन्दावन की दूरी लगभग 182 किलोमीटर के आसपास है। अगर, आप रोड से जाना चाह रहे हैं तो दिल्ली से वृंदावन पहुंचने में लगभग साढ़े तीन घंटे का वक्त लग सकता है। दिल्ली से वृंदावन के लिए ट्रेन और बस दोनों ही सुविधा आपके लिए उपलब्ध है। आप अगर दो दिन की छुट्टी पर हैं या वीकेंड ट्रिप पर जाना चाहते हैं तो वृंदावन आसानी से घूम सकते हैं। वृंदावन के सुंदर नजारों और कृष्ण मंदिरों के दर्शन के लिए आपको मात्र 2 हजार रुपये की जरूरत होगी। अगर ग्रुप ट्रिप यानी परिवार या दोस्तों के साथ जा रहे हैं तो कम खर्च में वृंदावन को घूम सकते हैं।

ठंड में इतने बजे खुलेगा मंदिर

आपको बता दें कि ठंड बढ़ने के साथ मंदिर की दिनचर्चा में कुछ बदलाव भी देखने को मिलेगा। क्योंकि ब्रज में भी सर्दियां आते ही मंदिरों के समय में महत्वपूर्ण बदलाव होते हैं, जिसकी वजह से दर्शन के समय से लेकर आरती और भोग लगाने के समय में भी परिवर्तन किया जाता है। हाल ही में मथुरा के प्रमुख मंदिर के समय में परिवर्तन किया गया है। अब गर्भगृह के दर्शन सुबह 6:30 से 8:30 तक होंगे। इसके बाद सुबह 9 बजे भगवान को माखन भोग लगाया जाएगा। दोपहर को 12:30 बजे मंदिर दर्शन के लिए बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद मंदिर दोबारा दोपहर 3 बजे खोला जाएगा और शाम 6 बजे मंदिर में भगवान की आरती होगी, जिसके बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए मंदिर शाम 8:30 बजे बंद कर दिया जाएगा।

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