'PM-CM नहीं, शिक्षा मंत्री ही ठीक…', अन्ना आंदोलन से लेकर Gen Z प्रोटेस्ट तक, सिसोदिया ने बताई 'AAP' की रणनीति

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा अन्ना आंदोलन और हाल के छात्र आंदोलनों की तुलना करते हुए उन्होंने बताया कि दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर सोशल मीडिया का प्रभाव है। सिसोदिया ने E20 ईंधन के मुद्दे को आम जनता से जुड़ा एक अहम सवाल बताया। उन्होंने कहा कि यह किसी नेता का राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों वाहन और बाइक मालिकों की समस्या है,

दिल्ली : आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने टाइम्स नाउ नवभारत के न्यूज़रूम में खास बातचीत के दौरान E20, छात्र आंदोलन, शिक्षा, रोजगार, दिल्ली और पंजाब की राजनीति समेत कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने सवालों के जवाब में कहा कि उनके लिए सत्ता या पद से ज्यादा महत्वपूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में काम करना है। उन्होंने यह भी साफ किया कि मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा के बजाय वे शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था और G-Zee के अपने भविष्य को लेकर सरकार से सवाल पूछने वाले तेवर पर खुलकर बात की।

Manish Sisodia Interview on Times Now Navbharat

टाइम्स नाउ नवभारत पर मनीष सिसोदिया का इंटरव्यू

E20 को बताया आम जनता का मुद्दा

E20 ईंधन के मुद्दे पर सिसोदिया ने कहा कि यह किसी नेता का राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों वाहन और बाइक मालिकों से जुड़ा सवाल है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में लोग E20 के बाद वाहनों के माइलेज को लेकर शिकायत कर रहे हैं। उनके मुताबिक, सरकार को इस पर जनता की चिंताओं को सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के गुस्से और हाल के छात्र आंदोलनों पर उन्होंने कहा कि पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और रोजगार की कमी जैसे मुद्दों ने युवाओं में नाराजगी पैदा की है। उनका कहना था कि गुस्से में युवा जिस भाषा का इस्तेमाल करते हैं, उस पर सवाल उठाने से पहले उस मुद्दे को समझना चाहिए जिसने उन्हें नाराज किया है।

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