Haryana News: हरियाणा की औद्योगिक विकास यात्रा में राज्य सरकार ने गुरुग्राम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में अपनी प्रमुख “मेक इन हरियाणा” नीति के साथ 9 नई क्षेत्रीय नीतियों का आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया। इन नई नीतियों के लॉन्च के तुरंत बाद राज्य को विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 1,10,000 करोड़ रुपये के वास्तविक निवेश प्रस्ताव (MoUs) मिले हैं, जिसमें करीब 30,000 करोड़ रुपये के FDI प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं। यह मेगा कार्यक्रम हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिसमें देश-विदेश के दिग्गज उद्योगपति, निवेशक, MSMEs और विदेशी प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा औद्योगिक विकास के अगले चरण के लिए पूरी तरह तैयार है और सरकार तेज प्रशासनिक व्यवस्था व मजबूत बुनियादी ढांचे के लिए प्रतिबद्ध है।
हरियाणा में 9 नई औद्योगिक नीतियां लॉन्च हुईं
नीति की मुख्य विशेषताएं और बड़े बदलाव
सरकार द्वारा लॉन्च की गई 9 नई क्षेत्रीय नीतियों का उद्देश्य विनिर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रॉसेसिंग, डेटा सेंटर्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को रफ्तार देना है। राज्य की पुरानी A/B/C/D ब्लॉक वर्गीकरण प्रणाली को बदलकर अब एक सरल और पारदर्शी क्षेत्र वर्गीकरण ढांचा लागू किया गया है। उद्योगों को 30 प्रतिशत तक कैपिटल सपोर्ट और नेट SGST रिइंबर्समेंट इंसेंटिव्स का लाभ मिलेगा। इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान एवं विकास (R&D) हेतु 50 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही, केंद्र सरकार की PLI योजना के तहत मिलने वाले इंसेंटिव्स पर अतिरिक्त 50% का टॉप-अप बेनिफिट भी मिलेगा। ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग के तहत रिन्यूएबल एनर्जी, कार्बन क्रेडिट और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम अपनाने वाली यूनिट्स को विशेष छूट मिलेगी।
AI-सक्षम 'सिंगल विंडो 2.0' और 'हैपनिंग हरियाणा' का ऐलान
निवेशकों की सुविधा के लिए सरकार ने एआई-सक्षम “सिंगल विंडो 2.0” प्रणाली भी लॉन्च की है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्मार्ट एआई एजेंट और सिंगल क्लिक जीआईएस लैंड आइडेंटिफिकेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे निवेशक अप्रूवल्स, प्रोत्साहन गणना और उपयुक्त भूमि की पहचान एक ही जगह कर सकेंगे। इसके अलावा, राज्य के आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट “हैपनिंग हरियाणा” की भी घोषणा की गई, जो राज्य को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाएगा। विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और आईटी जैसे क्षेत्रों में आए ये निवेश प्रस्ताव राज्य में रोजगार के अपार अवसर पैदा करेंगे।
