Manoj Jarange Hunger Strike: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार से अपील की कि वह मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे से बातचीत करे। इसके साथ ही उन्होंने आंदोलन में 'जबरन हस्तक्षेप' करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ चेतावनी दी। दीपके ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में जरांगे से मुलाकात की, जहां कार्यकर्ता का अनशन 14वें दिन भी जारी है। मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की।
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके (फोटो साभार: @abhijeet_dipke)
'जरांगे से बातचीत करें सरकार'
दीपके ने कहा, ''सरकार को उनकी मांगों को समझने के लिए उनसे बातचीत करनी चाहिए...।'' उन्होंने कहा कि जरांगे प्रथमेश देशमुख जैसे छात्रों के लिए सुविधाएं चाहते हैं। देखमुख एमपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, जिन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
दीपके ने गुरुवार को धाराशिव में देशमुख के परिवार से मुलाकात की थी और कहा कि प्रथमेश जैसे छात्रों के भविष्य को लेकर जरांगे आंदोलन कर रहे हैं। दीपके ने कहा, ''मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री क्या कर रहे हैं? वे अपने बच्चों को पढ़ने के लिए विदेश भेजते हैं, वहीं यहां के स्कूलों का स्तर ठीक नहीं हैं।''
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प्रथमेश देशमुख (28) महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, उन्होंने पुणे में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। उनके द्वारा छोड़े गए कथित नोट में करीब 2.5 लाख रुपये के कर्ज का उल्लेख था। दीपके ने यह भी सवाल किया कि क्या सरकार जरांगे को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तरह 26 दिनों तक भूखा रखना चाहती है।
दीपके ने कहा कि राजनीतिक नेताओं के पास हास्य कलाकारों से मिलने का समय है, लेकिन जरांगे से बातचीत करने कोई नहीं आ रहा। दीपके ने कहा, ''जैसा उन्होंने सोनम वांगचुक के मामले में किया, वैसा मनोज जरांगे के साथ करने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए। यह महाराष्ट्र है और यहां यह नहीं चलेगा। अगर किसी ने मनोज जरांगे को छुआ, तो पूरा महाराष्ट्र यहां (अंतरवाली सराटी) आ जाएगा।'' उन्होंने सरकार और मुख्यमंत्री से जरांगे से मिलने तथा उनकी मांगों को समझने की अपील की।
