Sindewahi Tiger Attack: महाराष्ट्र का चंद्रपुर तब दहल गया जब क्षेत्र के अंदर आने वाले सिंदेवाही में चार लोगों की टाइगर के हमले में मौत हो गई। चंद्रपुर जिले में इंसान-जंगली जानवरों का टकराव एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गया है। सिंदेवाही तालुका के गुंजेवाही इलाके में तेंदू पत्ता इकट्ठा करने गई महिलाओं पर एक टाइगर ने हमला कर दिया। इस हमले में चार महिलाओं की मौत हो गई।
दहल गया भारत का ये इलाका...टाइगर हुआ खूंखार, 4 महिलाओं की मौत, अब तक जिले में 19 लोगों को मार डाला
घटना के बाद इलाके में डर का माहौल फैल गया है और गांव वालों में गहरा गुस्सा है। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की एक टीम मौके पर पहुंच गई है और टाइगर की तलाश जारी है। खास बात यह है कि पिछले पांच महीनों में जिले में टाइगर के हमलों में 19 लोगों की मौत हो चुकी है, ऐसे में इंसान-जंगली जानवरों के टकराव का मुद्दा फिर से सामने आ गया है।
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आवारा कुत्तों के काटने से व्यक्ति की मौत, लातूर महानगरपालिका मुख्यालय पर प्रदर्शन
महाराष्ट्र के लातूर शहर में आवारा कुत्तों के हमले में एक व्यक्ति की मौत के बाद बृहस्पतिवार को महानगरपालिका मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि विलास गोरवे (22) को कुछ दिन पहले स्थानीय मछली बाजार में आवारा कुत्तों ने काट लिया था और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।
अधिकारी के अनुसार, गोरवे के परिजनों और इलाके के निवासी उनका शव लातूर महानगरपालिका कार्यालय में लेकर आए और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि शहर के अधिकांश इलाकों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नगर निकाय परिसर के द्वार बंद किए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने पत्थरों से ताले तोड़ने की कोशिश की।
अधिकारी ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
महाराष्ट्र में मवेशी तस्करी के आदतन अपराधियों के खिलाफ होगी मकोका के तहत कार्रवाई
देवेंद्र फडणवीस सरकार ने बृहस्पतिवार को एक परिपत्र जारी कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मवेशी तस्करी के आदतन अपराधियों, गिरोहों और संगठनों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (एमसीओसीए) के तहत कड़ी कार्रवाई करें। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी परिपत्र में मवेशियों का अवैध परिवहन, अनधिकृत वधशालाओं और अवैध वध को रोकने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश दिए गए हैं, साथ ही संबंधित कानूनों को सख्ती से लागू करने का आह्वान किया गया है।
सरकारी आदेश में कहा गया, 'संबंधित पुलिस तंत्र को प्रचलित नियमों के अनुसार मामलों की जांच करनी चाहिए और संगठित और आदतन पशु तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों, गिरोहों या संगठनों के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई शुरू करनी चाहिए।'
सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 48 का हवाला देते हुए कहा कि राज्यों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे गायों, बछड़ों और अन्य दुधारू और भार ढोने वाले पशुओं की नस्लों के संरक्षण और सुधार के लिए कदम उठाएं और उनके वध पर प्रतिबंध लगाएं।
सरकार ने कहा कि उसे विभिन्न संगठनों से मवेशी तस्करी, मवेशियों के अवैध परिवहन और अनधिकृत बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं। परिपत्र में सभी जमीनी स्तर के कार्यालयों को महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम 1976, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 और अन्य संबंधित नियमों के कड़ाई से कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
