Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, किसान कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को आगामी पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना वर्ष 2006 से संचालित है। इसके तहत गरीब, निराश्रित, विधवा और परित्यक्ता महिलाओं के सामूहिक विवाह के लिए प्रति हितग्राही 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक सहायता राशि प्रदान की गई है। सरकार का मानना है कि यह योजना महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ बाल विवाह रोकने और वैधानिक आयु में विवाह सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कैबिनेट बैठक के दौरान सीएम मोहन यादव
शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा फैसला
कैबिनेट ने शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश में माध्यमिक विद्यालयों को हाई स्कूल तथा हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नत करने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इसके तहत वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक स्कूलों को हाई स्कूल और 100 हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूल में परिवर्तित किया जाएगा। अगले दो वर्षों में भी इसी प्रकार विस्तार किया जाएगा। इस योजना पर कुल 635 करोड़ 24 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक राज्य में 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करना है। यह निर्णय विद्यार्थियों को उनके निवास क्षेत्र के निकट उच्च शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने और ड्रॉपआउट दर कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
किसानों के हित में भी लिया निर्णय
किसानों के हित में भी कैबिनेट ने अहम निर्णय लिया है। वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन फसल ऋण देने की योजना में संशोधन करते हुए खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथि की व्यवस्था समाप्त कर वार्षिक एकल ऋण सीमा लागू करने का निर्णय लिया गया है। किसानों को पहली बार ऋण लेने की तिथि से 12 माह की अवधि मिलेगी। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को राज्य सरकार अतिरिक्त ब्याज अनुदान भी प्रदान करेगी। प्रदेश में यह योजना वर्ष 2012-13 से संचालित है और इसके तहत 3 लाख रुपये तक के फसल ऋण पर किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता।
नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय शुरू करने की मंजूरी
बैठक में शाजापुर जिले के शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय शुरू करने को भी मंजूरी दी गई। इसके लिए 17 नए पद सृजित किए जाएंगे और 2.39 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह निर्णय बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुरूप लिया गया है। इसके अलावा कैबिनेट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि हेतु 3,580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। वहीं प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत विद्युतीकरण कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा आवश्यक एसजीएसटी राशि वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया। इन फैसलों को प्रदेश के समग्र विकास और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
