शहर

जम्मू-कश्मीर में मौसम खराब, किश्तवाड़ में मचैल माता यात्रा तीन दिन के लिए स्थगित

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में प्रशासन ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से जारी मौसम संबंधी चेतावनी के बाद मचैल माता तीर्थयात्रा को पांच अक्टूबर से तीन दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

Image

माता वैष्णो देवी यात्रा की तस्वीर (फोटो-ट्विटर)

जम्मू : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में प्रशासन ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से जारी मौसम संबंधी चेतावनी के बाद मचैल माता तीर्थयात्रा को पांच अक्टूबर से तीन दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। इससे पहले, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भी एहतियात के तौर पर इसी अवधि के दौरान तीर्थयात्रा स्थगित करने की घोषणा की थी।

न्यूज एजेंसी भाषा के हवाले से मचैल माता मंदिर का प्रवेशद्वार कहलाने वाले चिसोटी गांव में 14 अगस्त को बादल फटने की घटना के बाद अचानक आई बाढ़ से 65 लोगों (अधिकतम तीर्थयात्री शामिल) की मौत हो गई थी, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे और 32 अन्य का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन से हुई थी मौतें

एक अन्य घटना में 26 अगस्त को वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन के कारण 34 तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी और 20 अन्य घायल हो गए थे। किश्तवाड़ के जिलाधिकारी पंकज कुमार शर्मा ने एक आदेश में कहलाने वाले चिसोटी गांव में 14 अगस्त को बादल फटने की घटना के बाद अचानक आई बाढ़ से 65 लोगों (अधिकतम तीर्थयात्री शामिल) की मौत हो गई थी, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे और 32 अन्य का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

एक अन्य घटना में 26 अगस्त को वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन के कारण 34 तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी और 20 अन्य घायल हो गए थे। किश्तवाड़ के जिलाधिकारी पंकज कुमार शर्मा ने एक आदेश में कहा कि आईएमडी की ओर से जारी खराब मौसम संबंधी चेतावनी के मद्देनजर एहतियात के तौर पर मचैल माता मंदिर की ओर तीर्थयात्रियों की आवाजाही पांच से सात अक्टूबर तक निलंबित रहेगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article