Atal Canteen: दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की 35वीं बोर्ड बैठक में शहरी गरीबों, झुग्गीवासियों और गिग वर्कर्स (Gig Worker) के लिए कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में गिग वर्कर्स (Gig Workers) के लिए रेस्टिंग सेंटर और जन सुविधा केंद्र बनाने की योजना को मंजूरी दी गई, जिन्हें अटल कैंटीन से जोड़ा जाएगा, ताकि कामकाजी वर्ग को एक ही स्थान पर भोजन, विश्राम और जरूरी सुविधाएं मिल सकें। इन केंद्रों में यूरिनल जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
अटल कैंटीन में बदला लंच-डिनर टाइम
बैठक में सावदा-घेवरा स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स में 717 झुग्गीवासियों को आवास देने का निर्णय लिया गया। प्रत्येक लाभार्थी को केंद्र सरकार की ओर से 1.12 लाख रुपये की सहायता मिलेगी, जबकि उन्हें रखरखाव के लिए 30 हजार रुपये जमा करने होंगे। इसके अलावा पहले हटाई जा चुकी चार बस्तियों के 221 लाभार्थियों को भी फ्लैट दिए जाएंगे।
डिनर का समय शाम 6 बजे से रात 9:30 बजे
अटल कैंटीन योजना को और प्रभावी बनाने के लिए 100 कैंटीन और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों को पुनर्गठित किया जा रहा है। लंच का समय (Lunch Time) सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक और डिनर का समय शाम 6 बजे से रात 9:30 बजे तक तय किया गया है।
बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सुल्तानपुरी के 1060 फ्लैट्स की मरम्मत
बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सुल्तानपुरी के 1060 फ्लैट्स की मरम्मत, द्वारका सेक्टर-16बी में कई मकानों को रहने योग्य बनाने और भलस्वा क्षेत्र में 7400 फ्लैट्स के लिए सड़क, पार्क और सीवर सिस्टम विकसित करने को मंजूरी दी गई। प्रशासनिक स्तर पर डूसिब सीईओ की वित्तीय स्वीकृति सीमा 3 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई है, जिससे परियोजनाओं को तेजी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर जरूरतमंद को सम्मानजनक आवास, भोजन और बेहतर जीवन देना है तथा सभी योजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाएगा।
