Ayodhya Ram Mandir: इस महीने तक पूरा होगा पहले और दूसरे फ्लोर का काम, परकोटा की चुनौती अभी भी बरकरार

अयोध्या में राममंदिर के निर्माण कार्य के बारे में बताते हुए भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि कल जो समीक्षा हुई है, उसमें मार्च तक भूतल, प्रथम और द्वितीय तल का काम पूरा कर लेंगे। उन्होंने बताया कि अभी भी परकोटा की चुनौती बनी हुई है और तीन लाख क्यूबिक फीट पत्थरों को अभी भी लगाना है। इस काम के पूरे हाने का समय जून तक तय किया गया था। लेकिन हमारे एलएंटी और टाटा के सहयोगी इसके लिए तीन माह का समय और चाह रहे हैं।

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य जारी है। मार्च के महीने तक मंदिर में ग्राउंड फ्लोर के साथ ही पहले और दूसरे फ्लोर का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कल हमने जो समीक्षा की है, जो तिथि निर्धारित है, उसके अंतर्गत हम भूतल, प्रथम तल और द्वितीय तल के साथ मंदिर के अंदर आइकोनोग्राफी और अन्य क्लैडिंग का काम मार्च तक पूरा कर लेंगे। इसी अवधि में प्रथम तल में राम दरबार की प्रतिष्ठा का काम पूरा हो जाएगा।

नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि द्वितीय तल गर्भ गृह में यह निर्णय लिया गया है कि जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के रामायण पुस्तिकाएं सामान्य रूप से प्रचलित नहीं हैं, कहीं-कहीं पर उपलब्ध हैं, उन्हें दूसरे तल के गर्भ गृह में रखी जाएंगी। नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर निर्माण में 370 पिलर हैं। उन पर जो मूर्तियां हैं, उनका काम भी पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम अब धीरे-धीरे भवन जो पूर्ण हो चुके हैं, उसे अब न्यास को एलएनटी द्वारा हस्तांतरण कर देंगे। इसमें मुख्य रूप से जिन्हें चिह्नित किया गया है, उनमें एसटीपी, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, फायर पोस्ट का भवन, इलेक्ट्रिकल सब स्टेशन के भवन शामिल हैं। जो अगले 15 दिन में न्यास को सौंप दिया जाएगा। उसके बाद न्यास की जिम्मेदारी होगी कि वह उसका ऑपरेशन और मेंटेनेंस करें। उन्होंने बताया कि यह अनुमान लगाया जा सकता है कि हम कार्य पूर्ति की दिशा में जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि मार्च तक अधिकतम कार्य पूरा कर लिया जाए। जो निर्माण कार्य पूर्ण हो रहे हैं, उसे न्यास को भी देते चलें।

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