उत्तर प्रदेश के बरेली में एक शिक्षा मित्र पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के तहत केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि उन्होंने सरकारी स्कूल में बच्चों से मोहम्मद इकबाल की 'लब पे आती है दुआ' कविता पढ़वाई। सुबह के सत्र में यह कविता पढ़वाने को लेकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और फिर पद से हटा भी दिया गया। शुक्रवार (23 दिसंबर, 2023) को वजीरुद्दीन को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो दिन पहले बरेली की फरीदपुर पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। उन्हें राज्य शिक्षा विभाग ने यह कहते हुए हटा दिया था कि वह छात्रों को प्रार्थना पढ़वाने के दोषी पाए गए, जो कि सरकारी स्कूलों में कराना शामिल नहीं है।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
फरीदपुर स्टेशन के अफसर दयाशंकर ने अंग्रेजी अखबार दि इंडियन एक्सप्रेस को इस बारे में बताया- वजीरुद्दीन शुक्रवार को अरेस्ट कर लिए गए थे और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। जब यह कथित घटना हुई तब प्रिंसिपल नाहिद सिद्दिकी छुट्टी पर थीं और जांच में पाई गई चीजों के आधार पर उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
वजीरुद्दीन और प्रिंसिपल सिद्दीकी के खिलाफ बुधवार को केस हुआ था, जबकि इससे पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें स्टूडेंट्स कहते नजर आ रहे थे- 'लब पे आती है दुआ।' शिक्षा विभाग ने सिद्दीकी को सस्पेंड कर दिया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पदाधिकारी सोमपाल सिंह राठौर की शिकायत पर उनके और वजीरुद्दीन के खिलाफ फरीदपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
राठौर का आरोप है कि सरकारी स्कूल में इस "धार्मिक प्रार्थना" को धर्म परिवर्तन के मकसद से सरकारी स्कूल में छात्रों से बुलवाया गया। उन्होंने आगे आरोप लगाया- सिद्दीकी और वजीरुद्दीन स्टूडेंट्स को मुस्लिम प्रक्रिया के तहत प्रार्थना पढ़वाते और बुलवाते थे और उनका मकसद हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाना था। दोनों टीचर्स ने ऐसा छात्रों को इस्लाम के प्रति आकर्षित करने के लिए किया।
दरअसल, "लब पे आती है दुआ" 1902 में मोहम्मद इकबाल ने लिखी थी, जिन्हें अल्लमा इकबाल के तौर पर भी जाना जाता है, जिन्होंने "सारे जहां से अच्छा" लिखा था। वैसे, तीन साल पहले 2019 में पीलीभीत के बिसलपुर इलाके में एक स्थानीय विहिप नेता की शिकायत पर प्राइमरी स्कूल (सरकारी) के हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया गया था।
