Unnao: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक युवक की सूझबूझ ने एक बड़ा ट्रेन हादसा टाल दिया। यहां एक युवक ने धंसी हुई पटरियां देखीं तो लोकोपायलट को लाल टीशर्ट लहराकर सावधान कर दिया। गुरुवार को हुई बारिश की बाद, रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा पत्थर और मिट्टी धंस गई थी। इस दौरान यहां ट्रैक से 54336 बालामऊ पैसेंजर ट्रेन गुजर रही थी । युवक ने धंसे ट्रैक को देखा तो लाल टीशर्ट दिखाकर ट्रेन चालक को रुकने का इशारा किया । जिसके बाद लोको पायलट ने ट्रेन रोक दी । युवक ने लोको पायलट को पूरी बात बताई तो उसने कंट्रोल रूम पर ट्रैक में आई खामी की सूचना दी । जिसके बाद टेक्निकल टीम ने आकर मरम्मत की। करीब 2 घंटे बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
युवक सृजन (बाएं), पटरियोंं मरम्मत का काम करते कर्मचारी
बारिश से धंस गई थी ट्रैक
घटना सफीपुर रेलवे स्टेशन के पास की है। यहां दरौली मोड़ के पास बारिश की वजह से ट्रैक पार कर जाने के दौरान युवक की नजर रेल ट्रैक पर पड़ी। बताया जा रहा है कि बारिश की वजह से रेलवे ट्रैक के नीचे की पत्थर और मिट्टी हटने से ट्रैक धंस गया था। युवक ने देखा तो ट्रैक पर बालामऊ पैसेंजर उन्नाव से बालामऊ जा रही ट्रेन आती दिखाई दी। जिसके बाद तत्काल युवक ने सूझबूझ दिखाते हुए अपनी लाल टीशर्ट लहराकर ट्रेन चालक को रुकने का इशारा किया। लाल निशान देख बालामऊ पैसेंजर के लोको पायलट ने गाड़ी को रोका तो युवक ने लोको पायलट को ट्रैक की स्थिति दिखाई। जिसके बाद ट्रेन चालक ने ट्रैक में आई खामी की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम में दी। जिसके बाद रेलवे का इंजीनियरिंग स्टाफ मौके पर पहुंचा और मरम्मत का काम शुरू हुआ। करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक को ठीक किया जा सका। जिसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया जा सका।
क्या कहा सृजन ने
वहीं लाल टी शर्ट दिखाकर ट्रेन रोकने वाले युवक का नाम सृजन है। उसने बताया कि मैं अंडरपास की तरफ गया था, बहुत तेज बारिश हो रही थी। मुझे ट्रैक से अपनी बाइक को पार कराना था। तभी देखा कि रेलवे ट्रैक के नीचे जो पत्थर होते हैं, वे धंस गए थे । इसके बाद मैंने ट्रेन रुकवाई। मैंने चालक को पत्थर धंसने की बात बताई। 1 घंटे तक ट्रेन खड़ी रही। फिर रेलवे की टीम आई। तब ट्रैक को मरम्मत करके ठीक किया जा सका।
