यूपी पुलिस ने लखनऊ में एक ऐसे बांग्लादेशी अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो प्लेन और लग्जरी ट्रेनों से डकैती को अंजाम देने जाता था। इतना ही नहीं इस शख्स ने अपना भारत का पहचान भी बना लिया था। इसकी गिरफ्तारी तब हुई, जब यह जेल में बंद अपने साथी से मिलने के लिए लखनऊ पहुंचा था।
यूपी में शातिर बांग्लादेशी गिरफ्तार (Pixabay)
एक लाख रुपये का था इनाम
पुलिस उपायुक्त हृदेश कुमार ने कहा कि बांग्लादेशी नागरिक की पहचान 35 वर्षीय असलम खान के रूप में हुई है। वह लखनऊ और वाराणसी के विभिन्न हिस्सों में डकैती के कई मामलों में वांछित था। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराधों की एक सीरीज में उसका नाम सामने आने के बाद, उसके सिर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
कई सालों से था वांटेड
उन्होंने कहा कि पुलिस पिछले तीन वर्षों से असल खान को ट्रैक करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन असफल रही थी। शनिवार को उसके बारे में एक गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वह गिरोह के दो सदस्यों, रबीबुल और बिलाल, दोनों बांग्लादेशी नागरिकों से मिलने के लिए भारत लौट आया था। उसके साथी लखनऊ में बंद हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी शुक्रवार को अपने दो साथियों से मिलने में विफल रहने के बाद चिनहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत किसान पथ के पास छिपा हुआ था।
इन डकैतियों में था शामिल
डीसीपी ने कहा कि असलम ने 2020 और 2021 के बीच चिनहट, मॉल, गोमती नगर और विभूति खंड में डकैतियों के साथ-साथ वाराणसी जिले में हुई तीन डकैतियों में शामिल होने की बात कबूल की है। उन्होंने कहा कि आरोपी भारत में कई डकैतियां करने के बाद कोरोना के दौरान बांग्लादेश चला गया था। उन्होंने कहा कि आरोपी ने नसीर, नूर इस्लाम, सोमन, शाहीन सहित उसके गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों के नामों का खुलासा किया है, सभी बांग्लादेश के निवासी हैं और उसके साथ इन अपराधों में शामिल थे।
दिल्ली था ठिकाना
असलम के गिरोह में सभी बदमाश बांग्लादेशी ही थे। ये प्लेन और ट्रेन के जरिए टारगेट किए हुए इलाके में जाते और डकैती के बाद फरार हो जाते। कुछ बांग्लदेश चले जाते, लेकिन असलम दिल्ली में ही रहता था। उसने यहां का आधार कार्ड भी बनवा रखा था।
