समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगाया है। यादव के इस आरोप के बाद यूपी में सियासत तेज हो गई है। इस मामले पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव द्वारा ब्राह्मण समुदाय पर की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इसके साथ ही सपा और भाजपा में तीखी बयानबाजी का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भड़के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक
ब्राह्मणों के खिलाफ अखिलेश की टिप्पणी पर बोले ब्रजेश पाठक
बुधवार को सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा संवाददाताओं को संबोधित किया गया था। इसके बाद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उनके बयान पर कहा कि अखिलेश यादव को ब्राह्मण समाज पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि "सपा ने समाज में जातिवाद का जहर बोया है।" पाठक ने इसके बाद सपा के शासनकाल में ब्राह्मणों के खिलाफ अत्याचार के कई उदाहरण दिए। उन्होंने कन्नौज के नीरज मिश्रा का मामला और इटावा में वाजपेयी परिवार का अपमान गिनवाया।
योगी सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने का अखिलेश का आरोप
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर ब्राह्मण विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। यादव ने अपने बयान में कहा कि सभी वर्ग मिलकर इस सरकार को हटाने का प्रयास करेंगे। इतना ही नहीं, अखिलेश यादव ने ब्राह्मण उत्पीड़न के मुद्दे को उठाते हुए पुलिस की कार्रवाई की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है जब पुलिस ने ऐसे अत्याचार किए हैं। उनकी पार्टी (सपा) हर पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ी है और सरकार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ेगी। अखिलेश यादव ने यूपी में हिरासत में मौत की बढ़ती घटनाओं को भी हाइलाइट किया और कहा कि पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है।
