Muzaffarnagar Encounter: मुजफ्फरनगर में शुक्रवार देर रात पुलिस और शातिर अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। यह कार्रवाई उस सनसनीखेज वारदात के बाद हुई जिसमें टोल डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडे का अपहरण कर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए ऑपरेशन क्लीन के तहत आरोपियों को घेर लिया और मुठभेड़ के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
मृतक की फाइल फोटो और मुठभेड़ में इस्तेमाल हुआ हथियार
टोल कर्मचारियों से शुरू हुआ विवाद
गुरुवार रात दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर स्थित छपार टोल प्लाजा पर ड्यूटी में देर से पहुंचने पर टोल मैनेजर मुकेश चौहान और डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडे ने कर्मचारियों शुभम चौधरी और शेखर को टोका। इसी बात से बौखलाए दोनों कर्मचारियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर दोनों अधिकारियों पर हमला बोल दिया। लाठी-डंडों से हुए हमले में मैनेजर मुकेश गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि आरोपी डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडे का अपहरण कर साथ ले गए।
मेरठ में बरामद हुई लाश
हमले के कुछ ही घंटे बाद पुलिस को सूचना मिली कि मेरठ जनपद के जानी इलाके में खून से लथपथ एक शव पड़ा है। शिनाख्त करने पर पता चला कि यह शव टोल डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडे का है। इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गईं।
पुलिस की घेराबंदी और मुठभेड़
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी फरार होने की फिराक में कार से घूम रहे हैं। छपार थाना क्षेत्र के रामपुर तिराहे पर पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपियों ने खुद को घिरा देख फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। इसमें दो आरोपी शुभम चौधरी और शेखर के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरे आरोपी प्रदीप को कांबिंग ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया गया।
हथियार और कार बरामद
पुलिस ने मौके से तमंचे, कारतूस और एक अर्टिगा कार भी बरामद की, जिसका इस्तेमाल अपहरण और हत्या में किया गया था। दो घायल बदमाशों का इलाज चल रहा है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
