लखनऊ में एक बार फिर ट्रेन पलटाकर सैकड़ों यात्रियों की जान लेने की कोशिश

बुधवार की सुबह एक बार बड़ी दुर्घटना होते होते रह गई। लखनऊ मुख्यालय से लगभग 35 किलो मीटर दूर चौधरी खेड़ा गांव के पास एक बार फिर ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश हुई। सप्ताह में ऐसा दूसरी बार हुआ है। इस बार पटरियों पर लोहे का एक दरवाजा रखा हुआ मिला, जिसपर से मालगाड़ी धड़धड़ाते हुए गुजर गई। आवाज से चौंके लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर को सूचना दी तो रेलवे अधिकारी हरकत में आए।

Lucknow News: लखनऊ में ट्रेन को डीरेल करने की साजिश एक बार फिर सामने आई है। हफ्ते भर के भीतर ऐसा दूसरी बार हुआ है। हफ्ते के अंदर दूसरी बार ट्रेन पलटाने की साजिश रची गई। बुधवार तड़के बक्कास-उतरेठिया स्टेशन के बीच मालगाड़ी पटरी पर रखे लोहे के दरवाजे को रौंदते हुए पार हो गई। रेल पटरियों की पेंड्रोल क्लिप भी निकाल दी गई थी। अगर जो कहीं सवारी गाड़ी पटरी से गुजर जाती तो बड़ा हादसा होने की आशंका थी। रेल कर्मचारी अनिल पांडे की तहरीर पर थाना सुशांत गोल्फ सिटी में एफआईआर दर्ज की गई है। महीने भर की बात करें, तो यह चौथी घटना है।

iron gate on rail line in lucknow

सांकेतिक तस्वीर (AI creation)

पटरी पर रखा था लोहे का दरवाजा

बुधवार तड़के करीब 3:42 बजे बक्कास-उतरेठिया स्टेशन के बीच एक मालगाड़ी धड़धड़ाते हुए एक लोहे के दरवाजे से गुजर गई। नीले रंग का वह दरवाजा पटरी के ऊपर रखा था। इंजन से गेट टकराने के बाद तेज आवाज होने पर लोको पायलट को घटना समझ आई। मालगाड़ी के लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर को सूचना दी तो रेलवे अधिकारी हरकत में आए। रात में ही सीनियर सेक्शन इंजीनियर मौके पर पहुंचे। पटरियों में लगने वाली पेंड्रोल क्लिप भी निकली हुई पाई गई। सीनियर सेक्शन इंजीनियर अनिल पांडे ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में केस दर्ज कराया।

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