Lucknow Murder: राजधानी लखनऊ में मर्चेंट नेवी से रिटायर्ड कर्मचारी की हत्या से हड़कंप मच गया। हत्यारों ने रिटायर्ड कर्मचारी की हत्या कर शव को मोहनलालगंज के बिलहिया खेड़ा के पास नहर के किनारे फेंक दिया और फरार हो गए। बुधवार सुबह जब लोग यहां से गुजरे तो शव पड़ा देख पैरों तले जमीन खिसक गई। किसी ने शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शव की शिनाख्त मृतक के पास मिले पर्स से हुई। पर्स की जांच करने पर पुलिस को कुछ मोबाइल नंबर मिले। पुलिस ने इन नंबरों पर संपर्क किया और परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दी।
मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी की हत्या
पुलिस ने बताया कि, मोहनलाल गंज के बिलहिया खेड़ा के पास बुधवार सुबह सड़क किनारे खून से लथपथ बुजुर्ग का शव ग्रामीणों ने पड़ा हुआ देखा। शव की गर्दन पीछे से धारदार हथियार से काटी हुई थी। जबकि दाए हाथ पर भी धारदार हथियार के गहरे घाव थे।
पर्स में मिला आधार कार्ड और फोन नंबर
शव मिलने की सूचना पर आसपास के लोग जमा हो गए। पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने नहर के किनारे से निकालकर मृतक के कपड़ों की तलाशी ली। मृतक की पेंट की जेब से पर्स मिला। इसके अलावा पैन कार्ड, आधार कार्ड और कुछ फोन नंबर भी मिले। साथ ही जेब से दस हजार रुपये भी बरामद हुए। आधार कार्ड में मृतक का नाम नंदलाल कामता प्रसाद तिवारी, पता हरिकृष्ण रोड, चैतन्य नगर, मुंबई लिखा था।
हत्या कर शव मोहनलालगंज में लाकर डाला - पुलिस
पुलिस ने मृतक की जेब से मिले नंबरों पर फोन किया। पुलिस ने मामले की जानकारी मृतक के परिजनों को दी है। पुलिस के अनुसार, मृतक बुजुर्ग मूल रूप से जौनपुर के रूपनगर का रहने वाला था। वह सर्विस के दौरान मुबंई में ही रहने लगा था। लेकिन पारिवारिक कारणों की वजह से फिलहाल सुल्तानपुर रोड गोसाईगंज में किराए के मकान में रहता था। इंस्पेक्टर कुलदीप दुबे ने कहा कि, बुजुर्ग की हत्या कर शव मोहनलालगंज में लाकर डाला गया है। घटनास्थल पर संघर्ष के न तो निशान मिले हैं, न ही खून पड़ा मिला है। उन्होंने कहा कि, परिवार के लोगों के आने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
