UP के 2 जिलों में शुरू होगी मोबाइल वेटरनरी, घायल पशु-पक्षियों को मिलेगा इलाज; आगे के लिए सरकार का ये है प्लान

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और लखनऊ में मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों (Mobile Veterinary) को मंजूरी दे दी गई है। । जल्द ही कानपुर और मेरठ मंडल के साथ प्रदेश के अन्य मंडलों के लिये भी ये सुविधा शुरू करने का प्रयास है, जिससे घायल पशु-पक्षियों को त्वरित इलाज मुहैया कराया जा सकेगा।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस और अन्य घायल वन्य जीवों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के तहत गोरखपुर और लखनऊ मंडल में सचल पशु चिकित्सा इकाई (एमवीयू) को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार की ओर से बृहस्पतिवार को यहां जारी एक बयान में इसकी पुष्टि करते हुए कहा गया कि इस पहल से लखनऊ और गोरखपुर मंडलों के पक्षी विहार और वन प्रभागों में घायल होने वाले पक्षियों तथा वन्य जीवों को चिकित्सा सुविधा जल्द उपलब्ध हो सकेगी।

mobile veterinary in UP

मोबाइल वेटरनरी (फाइल फोटो)

इन जिलों को भी मिलेगी सुविधा

बयान के अनुसार उत्तर प्रदेश सारस संरक्षण समिति ने कानपुर और मेरठ मंडल के वन प्रभागों में भी ऐसी ही इकाइयों की सुविधा जल्द प्रदान करने की मांग की है। वन एवं वन्य जीव विभाग प्रदेश के सभी मंडलों में घायल पशुओं के त्वरित इलाज के लिए एमवीयू की सुविधा उपल्ब्ध करवाने पर विचार कर रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सारस संरक्षण समिति की ओर से लंबे समय से सचल पशु चिकित्सा इकाई की मांग की जा रही थी। इसे देखते हुए विभाग ने गोरखपुर और लखनऊ मंडल में एमवीयू की सुविधा प्रदान की है।

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