Barabanki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शनिवार दोपहर एक बड़ी घटना सामने आई, जब हैदरगढ़ से भाजपा विधायक दिनेश रावत के काफिले ने सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे स्थित बारा टोल प्लाजा पर टोल बैरियर तोड़ दिया। आरोप है कि विधायक के समर्थकों ने टोलकर्मियों से मारपीट भी की। पूरा घटनाक्रम टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है।
बंद बैरिकेड को तोड़कर निकलती गाड़ी और समर्थकों का बवाल
CCTV में कैद हुई घटना
जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 2:45 बजे विधायक दिनेश रावत छह लग्जरी वाहनों के काफिले के साथ लखनऊ से हैदरगढ़ लौट रहे थे। CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि एक गाड़ी बिना रुके टोल बैरियर तोड़ते हुए आगे निकल गई। इसके बाद पीछे आ रहे वाहनों में सवार समर्थक बैरियर खुलने में मामूली देरी पर भड़क गए और टोलकर्मियों राम सिंह, अखिलेश वर्मा और बृजेश यादव की पिटाई कर दी। बीच-बचाव करने आए अन्य कर्मचारियों से भी बदसलूकी की गई।
कर्मचारियों का आरोप और गुस्सा
पीड़ित टोलकर्मी बृजेश यादव ने बताया कि काफिले में ब्लॉक प्रमुख सुनील सिंह की गाड़ी भी शामिल थी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब विधायक के समर्थक टोलकर्मियों से बदसलूकी या दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हों। घटना के बाद टोल स्टाफ में भारी नाराजगी है और वे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन को दी गई जानकारी
घटना के बाद टोल प्लाजा प्रबंधक जगभान सिंह ने हैदरगढ़ कोतवाली को पूरी जानकारी दी। तीनों पीड़ित कर्मचारियों ने पुलिस को लिखित तहरीर सौंप दी है, जिसमें छह गाड़ियों के नंबर भी दर्ज हैं। हालांकि प्रभारी निरीक्षक अभिमन्यु मल्ल ने शाम तक किसी आधिकारिक शिकायत की पुष्टि नहीं की थी। टोल प्रबंधन ने NHAI के परियोजना निदेशक कर्नल शरद चंद सिंह को भी मामले की सूचना भेज दी है।
विधायक का बयान
इस बीच, हैदरगढ़ विधायक दिनेश रावत ने मीडिया से बातचीत में आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि जब यह घटना हुई तब वह आगे निकल चुके थे। रावत ने दावा किया कि पीछे उनके स्टाफ और टोल कर्मियों के बीच कहासुनी जरूर हुई थी, लेकिन मारपीट की बात गलत है। साथ ही उन्होंने टोल स्टाफ पर पहले अभद्रता करने का आरोप लगाया।
