Lucknow KGMU: राजधानी लखनऊ में स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) का पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग अब दूर-दराज के रोगियों की भाग-दौड़ बचाने के लिए टेलीमेडिसिन की मदद लेगा। कोरोना काल में किए गए इस प्रयोग को काफी सफलता मिली थी। इसे नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज की तरफ से मान्यता दे दी गई है। संक्रमण काल में टेलीमेडिसिन के उपयोग से केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के 96 फीसदी तक केसों में राहत मिली थी। यह रिसर्च 307 बच्चों पर हुआ है। चिकित्सा संस्थान के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. जिलेदार रावत ने बताया कि, कोविड-1 महामारी के वक्त साल 2020 अप्रैल से अगस्त के बीच टेलीमेडिसिन के जरिए से मरीज देखे गए थे।
टेलीमेडिसिन की मदद लेगा केजीएमयू
इन 307 बच्चों में से 56 बच्चों की हालत खराब थी, इसलिए इन बच्चों को ऑपरेशन के लिए तुरंत बुलाया गया। बाकी बच्चों को इमरजेंसी नहीं होने के कारण बाद में टेलीमेडिसिन की मदद से बुलाया गया था। कुल मरीजों में से 296 इस व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट हो गए। ऐसे में अब इस व्यवस्था को आगे बढ़ाने की तैयारी हो रही है।
