Lucknow Crime: लखनऊ की हुसैनगंज ने बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने गुरुवार को टप्पेबाजों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बैंक से रकम निकालने आने वाले ग्राहकों को निशाना बनाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन बाइक, विभिन्न बैंकों के चेक, आधार और वोटर आईडी कार्ड बरामद किए हैं। डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि आरोपियों की पहचान गोंडा के धानेपुर के रहने वाले राजेश कुमार, दिनेश कुमार, अमर सिंह, दुल्हापुर के रहने वाले दिलीप कुमार और बड़गांव के रहने वाले विकास के रूप में की गई है।
हुसैनगंज पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
पुलिस ने सभी आरोपियों को केकेसी छत्ता पुल के पास से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वह बैंक आने वाले लोगों पर पार्किंग से ही नजर बनाकर लगते थे। गिरोह के दो सदस्य चिह्नित व्यक्ति के साथ बैंक के अंदर जाते थे।
आरोपी बैंक के बाहर खड़े साथियों को भेज देते थे फोटो
आरोपी रकम निकासी की जानकारी और ग्राहक का फोटो बैंक के बाहर खड़े साथी को फोन के माध्यम से भेज देते थे। इसके बाद बाहर खड़े साथी जाल में फंसाकर ग्राहक का बैग पार कर देते थे। डीसीपी ने बताया कि सरगना दिलीप सिंह पर महाराजगंज में गैंगस्टर एक्ट सहित कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज है। इस गिरोह ने रायबरेली और बाराबंकी में किराये पर कमरे ले रखे थे।डिक्की में पांच लाख रुपये से भरा थैला कर दिया पार
डीसीपी के अनुसार सात नवंबर को दोपहर आलमबाग ओमनगर के रहने वाले हरिराम ने एसबीआई की ब्रांच से पांच लाख रुपये की निकासी की थी। हरिराम ने स्कूटर की डिक्की में रकम से भरा थैला रख दिया था। उनके स्कूटर के पीछे खड़ी बाइक को वह हटा रहे थे। इसी दौरान दो युवकों ने उन्हें बातों में उलझा लिया। दोनों के जाने के बाद हरिराम ने डिक्की में रखा थैला देखा तो वह गायब था। हरिराम के अलावा हुसैनगंज के रहने वाले मन्नू से पांच नवंबर की दोपहर में पचास हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। पुलिस ने बैंक के सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो संदिग्ध नजर आए। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश कर दिया।
