Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अवैध रूप से बसायी गयी ‘अकबर नगर’ कॉलोनी के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही तेज कर दी गयी है। कुकरैल नदी और बंधे के बीच बसाए गए अकबरनगर प्रथम और द्वितीय के अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई का नया चरण सोमवार से शुरू कर दिया है।
अवैध मकानों को बुलडोजर से तोड़ा गया।
कोर्ट ने दिया था आदेश
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उच्चतम न्यायालय के आदेश पर नवंबर 2023 में कुकरैल नदी और बंधे के बीच बसे अकबरनगर प्रथम और द्वितीय के 1068 अवैध आवासीय और 101 व्यावसायिक निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। इसी के तहत सरकार ने यहां अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई का नया चरण सोमवार से शुरू कर दिया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच भूमाफिया ने तत्कालीन सरकार के साथ साठगांठ कर पर्यावरण संरक्षण के मानकों को दरकिनार कर कुकरैल नदी के इर्दगिर्द बहुमंजिला इमारतें एवं शोरूम बना दिये थे। साथ ही कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अवैध कॉलोनियां भी बसा दी थीं, जबकि इस क्षेत्र में रिहायशी एवं व्यवसायिक निर्माण नहीं हो सकता।
परिसर को खाली करने का निर्देश
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि लोगों से अकबरनगर में अपने परिसरों को खाली कर आवंटित किए गए नए इलाके में जाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिन से हम यहां के लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे अपना सामान हटाकर वसंत कुंज में अपने नए फ्लैट में चले जाएं। मैं खुद वहां गया और लोगों से अनुरोध किया। उनमें से ज्यादातर लोग चले गये हैं। त्रिपाठी ने कहा, हम उन्हें हटा रहे हैं और खाली परिसरों को गिराने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है और पूरा इलाका सीसीटीवी की निगरानी में है। इस बीच, लोगों ने शिकायत की कि उन्हें नए स्थान पर ले जाने के लिए आठ हजार रुपये लिये जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आवंटित किये गये ज्यादातर नए फ्लैट ऊपरी मंजिलों पर बने हैं जिन पर पहुंचना वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी समस्या है।
भूमाफियाओं ने कोर्ट में दी थी चुनौती
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार की कार्रवाई को भूमाफिया व करोड़पति कब्जेदारों ने उच्चतम न्यायालय तक में चुनौती दी थी, लेकिन सरकार ने हर स्तर पर उन्हें जवाब दिया। प्रवक्ता ने बताया कि सरकार भूमाफिया के शिकार हुए अकबर नगर के गरीब निवासियों के साथ मजबूती से खड़ी है। अवैध निर्माण को हटाने से पहले अधिकारियों ने हर गरीब परिवार से संवाद किया था। इस दौरान सभी गरीब परिवार का पुनर्वास कराते हुए करीब दो हजार लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान आवंटित किये गये हैं।
