I Love Muhammad Row Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। इस्लामिया मैदान के बाहर नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर इकट्ठा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने ‘आई लव मोहम्मद’ के समर्थन में बैनर और पोस्टर लगाए और नारेबाजी की।
जुमे की नमाज के बाद बिगड़ी स्थिति (चित्र साभार: PTI)
धारा 163 के बावजूद इकट्ठा हुई थी भीड़
हालांकि, प्रशासन ने पहले ही इलाके में धारा 163 लागू कर रखी थी, लेकिन इसके बावजूद सैकड़ों लोग मस्जिद के बाहर जमा हो गए। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की और मौलाना तौकीर रजा को नजरबंद कर दिया। उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में 22 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
तौकीर रजा हिरासत में
तौकीर रजा को पुलिस ने हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ चल रही है। दूसरी तरफ मौलाना ने सरकार पर आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी आईएनएस के मुताबिक, तौकीर ने यह आरोप लगाया है कि जैसे ही वह नमाज के लिए निकलने वाले थे, प्रशासन को उनकी लोकेशन की जानकारी मिल गई और उन्हें रोक दिया गया। तौकीर ने यह बात भी कही कि सरकार मुसलमानों के खिलाफ सख्ती बरत रही है।
30 लोग गिरफ्तार
तनावपूर्ण हालात के बीच पुलिस ने हिंसा के मामले में अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि इनमें ज्यादातर युवा मस्जिद के आसपास के इलाकों के रहने वाले हैं, जिन्होंने तौकीर रजा के वीडियो देखने के बाद एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। इसके अलावा 50 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी का आंकड़ा और बढ़ सकता है। सीएम योगी के निर्देश के बाद 2000 पत्थरबाजों पर मुकदमे दर्ज 5 अलग अलग थानों में मुकदमे दर्ज हुए हैं। कोतवाली में 6, बारादरी में 2, किला कैंट,और प्रेमनगर में 1-1 मुकदमे दर्ज हुए हैं।
उपद्रवियों को पकड़ने के लिए छापेमारी
गिरफ्तार लोगों पर दंगा करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। उपद्रवियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है।
