लखनऊ के पास पारा क्षेत्र में बच्चों के लिए निर्वाण रिहैब सेंटर में कथित तौर पर भोजन फूड पॉइजनिंग के कारण कई बच्चे बीमार हो गए। मंगलवार, 23 मार्च से लेकर 26 मार्च के बीच 20 से ऊपर बच्चों को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स कम से कम दो बच्चियों के मौत की बात कर रही हैं। गंभीर हालत के चलते कुछ बच्चों को KGMU रेफर किया गया है।
रिहैब सेंटर में 4 बच्चों की मौत
डॉक्टर ने क्या कहा
लोकबंधु अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार दीक्षित ने बताया कि मंगलवार शाम को रिहैब सेंटर से करीब 20 बच्चों को अस्पताल लाया गया था। ये सभी बच्चे मानसिक रूप से विकलांग हैं। जब वे यहां पहुंचे तो उनमें पानी की कमी थी। हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद दो बच्चों की मौत हो गई। गंभीर रूप से बीमार दो बच्चों को KGMU में रेफर कर दिया गया है और शेष बच्चों की हालत में सुधार हुआ है।
चार बच्चों की मौत
ये रिहैब सेंटर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल से चलता है। इसमें 147 बच्चे रहते हैं, जिनमें मुख्य रूप से अनाथ और मानसिक रूप से विकलांग बच्चे शामिल हैं। मंगलवार सुबह इस केंद्र में रह रहे कुछ बच्चों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां एक बालिका की मंगलवार और एक बालिका कि बुधवार को मौत हुई है। दोनों की उम्र 13 साल के आसपास है। इनके अलावा दो और बच्चों की मौत हुई है। सभी मृत बच्चों की उम्र 12 से 17 साल के बीच है।
कमिश्नर रोशन जैकब ने मीडिया से बात करते हुए यह आशंका जताई कि दूषित पानी की वजह से बच्चों की तबियत बिगड़ी।
मामले की जांच शुरू
लखनऊ के जिला मजिस्ट्रेट ने कथित फूड पॉइजनिंग के कारण का पता लगाने के लिए एक समिति गठित की है। स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित बच्चों से पूछताछ करने के लिए अस्पताल का दौरा भी किया। जांच के लिए रिहैब सेंटर से खाने के नमूने भी इकठ्ठे किए गए हैं। बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसके बाद घटना का कारण साफ हो पाएगा।
