लखनऊ

अकबर नगर में खूब 'गरजा' योगी का बुलडोजर, मंदिर-मस्जिद हुए जमींदोज, 10 दिनों के अभियान में अतिक्रमण मुक्त हुआ इलाका

Bulldozer Action in Akbar Nagar : शासन के निर्देश पर सर्वे के दौरान नदी की जमीन पर बड़ी संख्या में अवैध निर्माण की बात सामने आई थी। अतिक्रमण हटने के बाद योगी सरकार अब इस क्षेत्र को इको टूरिज्म का हब बनाएगी। लखनऊ के चिड़ियाघर को भी इसी जगह पुनर्स्थापित किए जाने की योजना है।

Bulldozer Action in Akbar Nagar : लखनऊ के अकबर नगर में प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान पर पूरा हो गया है। 10 दिनों तक चले इस अभियान में इलाके में अतिक्रमण कर बनाए गए धार्मिक ढांचों एवं इमारतों पर बुलडोजर चला है। सड़क किनारे बने मंदिरों, मस्जिदों एवं इमारतों को तोड़ा गया है। हालांकि, इस अभियान पर सियासत भी हो रही है। विपक्षी दल इसके लिए योगी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। अकबर नगर में अभियान चलाने से पहले प्रशासन ने इस तरफ आने वाला यातायात बंद कर दिया था।

अतिक्रमण मुक्त हुआ इलाका

अब तक के सबसे बड़े अतिक्रमण हटाओ के तहत यहां धर्मस्थलों को भी नहीं बख्शा गया है। बीती रात जिला प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर इधर आने वाले यातायात को रोक दिया। सबसे पहले दो मस्जिदों, एक मदरसे को जमींदोज किया गया। यहां सड़क किनारे बने तीन हिंदू मंदिरों को भी गिराया गया। मंदिर की मूर्तियों दूसरी जगह स्थापित करने के बाद मंदिरों पर बुलडोजर चला। अकबर नगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करीब 10 दिनों तक चली है और पूरे इलाके को अब अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया है।

इको टूरिज्म का हब बनाएगी योगी सरकार

यही नहीं कुकरैल नदी की जमीन पर बने अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला है। अब मलबा हटाने का काम शुरू हुआ है। अवैध निर्माण हटाने की प्रशासन की अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। 1169 आवास और 101 कॉमर्शियल निर्माण ध्वस्त हुए हैं। इस अभियान में करीब 24.5 एकड़ जमीन पर बने 1200 से अधिक अवैध निर्माण जमींदोज हुए है। शासन के निर्देश पर सर्वे के दौरान नदी की जमीन पर बड़ी संख्या में अवैध निर्माण की बात सामने आई थी। अतिक्रमण हटने के बाद योगी सरकार अब इस क्षेत्र को इको टूरिज्म का हब बनाएगी। लखनऊ के चिड़ियाघर को भी इसी जगह पुनर्स्थापित किए जाने की योजना है।

कोर्ट ने भी माना कार्रवाई सही

बता दें कि कुकरेल नदी के पुनर्जीवन के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी। सीएम के प्रयासों का असर दिखा। कोर्ट ने भी योगी सरकार की कार्रवाई को सही माना।

Manish Yadav
मनीष यादवauthor

साल 2011 था जब इंद्रप्रस्थ से पत्रकारिता के सफर की सीढ़ियां चढ़ना शुरू किया । कुछ साल जयपुर रहा और अब ठिकाना अवध है। माइक पकड़ कर कोशिश करता हूं कि आम की आवाज खास के कानो तक पहुंचा पाऊं उम्मीद रहती है इससे हल निकलेगा ।

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