UP MLC By Election: उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को विधान परिषद की दो सीटों के लिए हुए उपचुनाव में जीत हासिल की। भाजपा के दोनों उम्मीदवारों ने प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशियों को हरा दिया। लक्ष्मण आचार्य के इस्तीफे और बनवारी लाल दोहरे के निधन के बाद इन दोनों सीटों पर उपचुनाव करना जरूरी हो गया था। सिक्किम के राज्यपाल बनाए गए आचार्य का कार्यकाल जनवरी 2027 तक था जबकि दोहरे का कार्यकाल जुलाई 2028 में समाप्त होना था।
यूपी विधान परिषद उपचुनाव में बीजेपी की जीत
निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद मुशहिद ने पीटीआई-भाषा को बताया कि भाजपा के मानवेंद्र सिंह को 280 मत मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी (सपा) के राम जतन राजभर को 115 मत मिले। मुशहिद ने कहा कि उपचुनाव में भाजपा के अन्य उम्मीदवार पद्मसेन चौधरी को 279 मत मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के रामकरण को 116 मत मिले। उन्होंने बताया कि दोनों पार्टियों के एक-एक वोट अमान्य करार दिए गए।
यह पूछे जाने पर कि सपा उम्मीदवारों के बीच एक वोट का अंतर क्यों है, पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि हम इस मामले को देखेंगे। ये उपचुनाव के परिणाम राज्य में हुए शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों में सभी महापौर सीटों पर भाजपा की जीत के बाद आए हैं, जबकि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकता को एक और झटका लगा जब कांग्रेस विधायकों ने वोट नहीं डाला, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एकमात्र विधायक ने अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए लखनऊ नहीं आ सके।
इस बीच, उत्तर प्रदेश के मंत्री जेपीएस राठौर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा- "क्रॉस वोटिंग का सवाल तभी उठता, जब भाजपा उम्मीदवारों को 274 से कम वोट मिले होते। हमारे उम्मीदवारों में से एक को हमारे संख्या बल (274 में से) से छह वोट ज्यादा मिले, जबकि दूसरे को हमारी संख्या बल से पांच अधिक वोट मिले। अमान्य घोषित किए गए दोनों वोट भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में थे। लेकिन, उन्होंने अनजाने में (उम्मीदवार के नाम के आगे) टिक मार्क लगा दिया था।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों विजेताओं को बधाई देते हुए एक ट्वीट में कहा- " उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य पद हेतु संपन्न हुए उप-चुनाव में ‘डबल इंजन’ सरकार के प्रत्याशी श्री पद्मसेन चौधरी जी एवं श्री मानवेन्द्र सिंह जी को जीत की हार्दिक बधाई। पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी की दृष्टि के अनुरूप विजयी दोनों सम्मानित सदस्यों का लोकनिष्ठ आचरण, कर्मठता एवं अनुभव 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के संकल्प की सिद्धि में सहायक होगा। आप सभी के उज्ज्वल कार्यकाल हेतु मंगलकामनाएं।"
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की दो रिक्त सीटों के लिए हुए उपचुनाव में सोमवार को 396 विधायकों ने मतदान किया, जिसके लिए सत्तारूढ़ भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों ने अपने उम्मीदवार उतारे। उत्तर प्रदेश विधानसभा सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के दो समेत सात विधायकों ने उपचुनाव में वोट नहीं डाला। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की दो रिक्त सीटों के लिए सोमवार को हुए उपचुनाव में सोमवार राज्य विधानसभा के 396 विधायकों ने मतदान किया।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया- ठसोमवार को हुए उपचुनाव में 396 विधायकों ने मतदान किया। जिन सात विधायकों ने मतदान नहीं किया, उनमें जेल में बंद तीन विधायक अब्बास अंसारी (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी), इरफान सोलंकी (समाजवादी पार्टी) और रमाकांत यादव (समाजवादी पार्टी) शामिल हैं। इसके अलावा कांग्रेस के दो विधायकों, बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक और सपा के एक विधायक (मनोज पारस) ने मतदान नहीं किया।"
