Bharat Band 2024: भारत बंद का असर उत्तर प्रदेश पर भी पड़ सकता है। वहीं शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण इलाकों में इसका ज्यादा असर पड़ने की उम्मीद की जा रही है। यूपी सहित कई दूसरे राज्यों पर भी इसका असर पड़ सकता है। दरअसल, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाती के आरक्षण में अप-वर्गीकरण पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फेसले के खिलाफ भारत बंद का आवाह्न किया गया है। जिसे लेकर आज 21 अगस्त बुधवार को भारत बंद का असर कई राज्यों में देखने को मिलेगा। दरअसल, भारत बंद के समर्थन में बहुजन समाज पार्टी के चंद्रशेखर की आजाज पार्टी एवं भीव आर्मी उतरी हुई है। स्वामी प्रसाद के मौर्य राष्ट्रीय समाज पार्टी ने भी भारत बंद का समर्थन किया है। उन्होंने सारे कार्यकर्ताओं से भारत बंद को सफल बनाने की अपील भी की है।
यूपी में भारत बंद का असर
यूपी में क्या बंद रहेगा ?
- भारत बंद पर फिलहाल यूपी में कहीं स्कूल, कॉलेज या दूसरे प्रतिष्ठानों को बंद रखने का कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं किया गया है।
- आपातकालीन सेवाएं जैसे अस्पताल, एंबुलेंस के अलावा सार्वजनिक परिवहन के साधन जैसे ट्रेन, बस सर्विस को लेकर भी कोई विभागीय अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
- आजाद समाज पार्टी और बीएसपी शांतिपूर्ण तरीके से भारत बंद में सहयोग करने की अपील की है। कोई पुलिस अलर्ट भी जारी नहीं किया गया है।
- हालांकि पश्चिमी यूपी में पुलिस कुछ ज्यादा सतर्क रह सकती है। इस इलाके में आंदोलन की तीव्रता देखने को मिल सकती है।
- कुछ बाजार बंद रह सकते हैं इस बात को ध्यान में रखें।
क्यों किया गया है भारत बंद का ऐलान?
भारत बंद SC/ST आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के हाल ही लिए गए फैसले के खिलाफ है। बता दें कि एक अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया था। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली सात जजों की संविधान पीठ ने 6:1 के बहुमत से यह फैसला दिया कि राज्य सरकारों को SC/ST के भीतर उप-वर्गीकरण करने का संवैधानिक अधिकार है। ताकि इसमें उन जातियों को आरक्षण का लाभ दिया जा सके, जो सामाजिक और शैक्षणिक रूप से ज्यादा पिछड़ी हुई हैं।
कोर्ट ने ‘ई वी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश सरकार’’ मामले में 2004 के फैसले को ही बदल दिया। तब जजों की बेंच ने फैसला सुनाया था कि अनुसूचित जातियों को उप-वर्गीकरण नहीं दी जा सकती। वो अपने आप में स्वजातीय समूह हैं। जिसके बाद अब इसी फैसले का विरोध किया जा रहा है। दलित और आदिवासी संगठनों का आरोप है कि आरक्षण छीनने की कोशिश हो रही है। उनका कहना है कि हजारों सालों की प्रताड़ना और छुआछूत को झेलने वाली इस कैटिगरी को एक समूह माना जाना चाहिए। इनका उपवर्गीकरण होना चाहिए। मायावती ने ये भी मांग की है। केंद्र सरकार इस फैसले के खिलाफ अध्यादेश लाए और इसे संविधान की 9वीं अनुसूची में हिस्सा दे। संविधान की 9वीं अनुसूची में जो विषय शामिल हैं, वो न्यायिक समीक्षा के दायरे से बाहर हैं।
बिहार में भारत बंद का असर
पड़ोसी राज्य बिहार में पूर्णिया में दलित आदिवासी ने विकास मोर्चा ने भी मशाल जुलूस निकाला। यहां के व्यापारियों से से भी समर्थन का आग्रह किया। वहीं लोगों से घर के बाहर न आने की अपील की गई है।
- बिहार में सुबह 6 बजे से रात्रि 8 बजे तक सब कुछ बंद रहेगा।
- बिहार में मेडिकल सेवाओं, पुलिस और फायर सेवाओं चालू रहेंगी।
- आम जनता को घरों से बाहर निकलने की अपील है। त अनुमति नहीं है,
- मॉल, दुकान, कार्यालय, रेहड़ी, पटरी, बैंक, एटीएम, मंडी, मार्केट, बाजार, फैक्ट्री, कंपनी, वर्कशॉप, पर्यटक स्थल आदि सब बंद रहेंगे,
- सरकारी या प्राइवेट बस, रेल, मेट्रो ट्रेन आदि नहीं चलेगी।
- निजी वाहन, कमर्शियल वाहन, टैक्सी, ऑटो आदि सब बंद रहेंगे।
- बड़े या छोटे ट्रांसपोर्ट, ट्रक, ट्राले, मालवाहन, मालगाड़ी, होम डिलीवरी, दूध, फल, सब्जी आदि सब बंद रखे जाएंगे।
- सभी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, पेट्रोल पंप, सीएनजी पंप, एलपीजी गोदाम पम्प आदि बंद रहेंगे।
दिल्ली में भारत बंद का कोई असर देखने को नहीं मिलेगा। दिल्ली में सभी बाजार खुले रहेंगे। यहां के सभी 56 इंडस्ट्रियल एरिया भी खुले रखे जाएंगे। सीटीआई(CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल का कहना है कि बाजारों के एसोसिएशन ने इस पर चर्चा की है। उनका कहना है कि व्यापार संगठनों से न ही संपर्क किया गया है नहीं समर्थन मांगा गया है।
झारखंड में भारत बंद का असर
झारखंड में भारत बंद का असर देखा जा सकता है। आज भारत बंद पर सुबह से ही झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं बंद कराने के लिए सड़कों पर उतरे हुए हैं। वाहनों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। गिरडीह बस स्डैंड से लोगों को वापस लौटना पड़ा।
राजस्थान में भारत बंद का असर
यूपी के पड़ोसी राज्य राजस्थान में भारत बंद को देखते हुए जयपुर, दौसा, गंगापुर,बाड़मेर, माधोपुर जैसे कई शहरों में स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है। वहीं यूपी में इसका मिलाजुला असर देखने को मिल सकता है।
