बागपत से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक दुल्हन ने फेरों से पहले ही अपने पिता की जमीन बचाने के लिए धरना दे दिया। बड़ौत शहर कोतवाली क्षेत्र के बिजरौल-जलालपुर गांव के बीच का यह मामला दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर निर्माण से जुड़ा है। निर्माण कार्य के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन को लेकर दुल्हन वंशिका और उसका परिवार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। हाथों और पैरों में मेहंदी रचाए, शादी के जोड़े में सजने से पहले ही वंशिका की यह तस्वीरें अब चर्चा का विषय बन गई हैं।
बडौत में शादी के दिन धरने पर बैठी दुल्हन
आज ही होनी है शादी
वंशिका की आज रात मुजफ्फरनगर निवासी आदित्य से शादी होनी है, लेकिन इससे पहले वह अपने पिता यशपाल पुत्र बलवान सिंह की एक बीघा जमीन को बचाने के लिए धरने पर बैठ गई। परिवार का आरोप है कि अफसर जबरन उनकी उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण करना चाहते हैं, जिस पर फिलहाल गेहूं की फसल बोई गई है। खास बात यह है कि इससे पहले परिवार ने करीब 5 एकड़ जमीन कॉरिडोर के लिए सरकार को सौंप दी थी। अब एक बीघा जमीन ओर सरकार भूमि अधिग्रहण कर रही है।
बैरंग लौटे अधिकारी
आज जब अधिकारी जमीन अधिग्रहण के लिए मौके पर पहुंचे तो दुल्हन ने अफसरों का विरोध किया और अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा। पूरे गांव में इस घटना की चर्चा है और लोग दुल्हन के साहस की सराहना कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि जब पहले ही बहुत जमीन दी जा चुकी है तो अब इस एक बीघा को क्यों छीना जा रहा है। दुल्हन वंशिका का कहना है कि वह अपनी शादी जरूर करेगी लेकिन अपने पिता की जमीन गंवाकर नहीं। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक वह धरने से नहीं उठेंगी। वही मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम भी पहुंची थी, लेकिन जनता के विरोध और दुल्हन के हौसले के आगे उन्हें वापस लौटना पड़ा। फिलहाल मामला ठंडा नहीं पड़ा है और दुल्हन अभी भी धरने पर बैठी हुई है। हालांकि इस मामले पर आलाधिकारी अभी कुछ भी कैमरे पर बोलने से बच रहे है ।
