Ayodhya Ram Mandir: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में बन रहे भव्य राम मंदिर के साथ ही परिसर में निर्मित हो रहे 7 अन्य मंदिरों के लिए पुजारियों की नियुक्ति शुरू हो गई है। राम मंदिर ट्रस्ट ने पौष कृष्ण पक्ष प्रतिप्रदा से प्रशिक्षण प्राप्त 10 नए अर्चकों की नियुक्ति की है। ये नए अर्चक रोस्टर के अनुसार, मौजूदा पुजारियों के साथ मिलकर श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा पद्धति सीखेंगे।
राम मंदिर में 10 नए पुजारियों की नियुक्ति
अगले महीनों में नए मंदिरों में होगी तैनाती
राम मंदिर परिसर में बन रहे शिव मंदिर, सूर्य मंदिर, दुर्गा माता मंदिर, गणेश मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर और हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिरों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इन मंदिरों में प्रतिमा स्थापना के बाद इन नए अर्चकों को यहां तैनात किया जाएगा।
पुराने अर्चकों से सीखेंगे पूजा पद्धति
श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि नए अर्चकों को भगवान राम लला की पूजा की पूरी परंपरा सिखाई जाएगी। इसमें भगवान का स्नान, वस्त्र धारण, तिलक लगाना, मुकुट धारण कराना, भोग लगाना, आरती करना और विसर्जन करना जैसी सभी विधियां शामिल हैं। ताकि वे अन्य मंदिरों में भी भगवान की सेवा उसी भक्ति भाव से कर सकें।
नए अर्चकों के लिए नियम और शर्तें
राम मंदिर ट्रस्ट ने नए अर्चकों के लिए कुछ नियम और शर्तें भी निर्धारित की हैं। इन नियमों का पालन करना सभी अर्चकों के लिए अनिवार्य होगा।
क्यों हुई नए अर्चकों की नियुक्ति?
आने वाले महीनों में राम मंदिर परिसर में कई नए मंदिरों का निर्माण कार्य पूरा होने वाला है। इन मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए अनुभवी अर्चकों की आवश्यकता होगी। इसीलिए राम मंदिर ट्रस्ट ने पहले से ही नए अर्चकों की नियुक्ति कर उन्हें प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है।
