प्रयागराज में भारत-जापान संस्कृति का संगम; यमुना किनारे बनेगा पब्लिक प्लाजा पार्क

प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के बाद भारत और जापान की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनने जा रहा है। अरैल क्षेत्र में यमुना किनारे बन रहा ‘पब्लिक प्लाजा पार्क’ भारतीय सनातन संस्कृति और जापानी शिंतो परंपरा के अद्भुत संगम को दर्शाएगा।

UP News: संगम नगरी प्रयागराज, जो अपनी धार्मिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जानी जाती है, अब भारत और जापान की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनने जा रही है। योगी सरकार के भव्य महाकुंभ 2025 आयोजन के बाद शहर में अब सनातन संस्कृति और जापानी शिंतो परंपरा का अनोखा मेल देखने को मिलेगा।

Prayagraj Public Plaza Park

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भारत और जापान की सांस्कृतिक समानताएं

हजारों किलोमीटर की दूरी और भाषा के अंतर के बावजूद भारत की सनातन संस्कृति और जापान की शिंतो संस्कृति में कई समानताएं हैं। दोनों सभ्यताएँ प्रकृति को देवतुल्य मानती हैं, आत्मसंयम को सर्वोच्च मूल्य और शांति को जीवन का आधार मानती हैं। इन्हीं साझा मूल्यों को मूर्त रूप देने के लिए प्रयागराज में जापानी स्थापत्य और सांस्कृतिक प्रतीकों से प्रेरित पब्लिक प्लाजा पार्क का निर्माण किया जा रहा है।

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