Lucknow Green Corridor Project: लखनऊ में आज से गोमती नदी के किनारे बना ग्रीन कॉरिडोर फेज-2 जनता के लिए खुल जाएगा। 13 मार्च को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का लोकार्पण करेंगे। झूलेलाल पार्क में आयोजित होने वाले इस उद्घाटन समारोह में यूपी सरकार के कई मंत्री और भाजपा पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस परियोजना के शुरू होने से लखनऊ के लाखों लोगों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट
यह ग्रीन कॉरिडोर गोमती नदी के दोनों किनारों पर विकसित किया जा रहा है, जिसकी कुल लंबाई करीब 57 किलोमीटर है। इसे चार फेज में तैयार किया जा रहा है। इस कॉरिडोर को आधुनिक ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। जिसमें चौड़ी सड़कें, मल्टी-लेन व्यवस्था और हरियाली को भी शामिल किया गया है। जिससे लोगों को सुरक्षित, तेज और बिना रुकावट सफर मिल सके।
कितना लंबा है ग्रीन कॉरिडोर फेज-2
ग्रीन कॉरिडोर का दूसरा फेज गोमतीनगर के समता मूलक चौक से निशातगंज होते हुए हनुमान सेतु डालीगंज तक बनाया गया है। इस हिस्से में 6 लेन की रोड तैयार की गई है। जिसके दोनों ओर लगभग 11.50 मीटर चौड़ाई रखी गई है, जिससे ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सके। साथ ही निशातगंज इलाके में एक नया चौराहा भी बनाया गया है, जिससे यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
ग्रीन कॉरिडोर फेज-2 के तीन चौराहे
ग्रीन कॉरिडोर के फेज-2 में तीन प्रमुख चौराहे बनाए गए हैं। पहला चौराहा समता मूलक चौक से करीब आधा किलोमीटर आगे कुकरैल पुल की तरफ बाईं तरफ तैयार किया गया है। दूसरा चौराहा पेपर मिल कॉलोनी के नजदीक निशातगंज की ओर बनाया गया है, जो सीधे हनुमान सेतु रोड से कनेक्ट होता है। तीसरा चौराहे को हनुमान सेतु के पास बनाकर पक्के पुल से जोड़ा गया है।
इन इलाकों को मिलेगी ट्रैफिक से राहत
इस कॉरिडोर के खुलने से निशातगंज, डालीगंज, समतामूलक, बादशाहनगर और आसपास के इलाकों में लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही अब भारी ट्रैफिक को शहर के अंदरूनी रास्तों से गुजरने की बजाय इस कॉरिडोर से सीधे निकाला जा सकेगा, जिससे अंदरूनी सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा।
ग्रीन प्रोजेक्ट के 4 फेज
गोमती नदी किनारे बन रहे इस ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट को चार चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहला फेज IIM रोड से पक्का पुल डालीगंज तक है। दूसरा फेज समता मूलक से हनुमान सेतु डालीगंज तक बनाया गया है। तीसरा फेज डालीगंज से शहीद पथ तक और चौथा चरण शहीद पथ से किसान पथ तक विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद लखनऊ में यातायात व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा सुगम और तेज हो जाएगी।
