लखनऊ अपने स्वादिस्ट व्यंजन के लिए दुनियाभर में फेमस है। यहां की मालाई गिलौरी का स्वाद लेने दुनियाभर से लोग आते हैं। आपको यहां से बहेतर मलाई गिलौरी कहीं और नहीं मिलेगी। यहां के मलाई गिलोरी का स्वाद अगर आपने एक बार चख लिया तो फिर यहां आने का बहाना ढूंढेंगे। ये लखनऊ की अनोखी और अलग तरह की मिठाई है। यह मुंह में जाते ही घुल जाती है। इसका स्वाद मखमल की तरह मुलायम होता है। यह मिठाई लखनऊ के लगभग सभी दुकानों पर मिलती है।
मलाई गिलौरी मिठाई
इस मलाई गिलौरी को नवाब वाजिद अली शाह के लिए बनाया गया था। ऐसा कहा जाता है कि मलाई पान (गिलौरी) को नवाबों के जमाने में इजात किया गया था। वाजिद अली शाह पान खाने के बहुत शौकीन थे। खाना खाने के बाद वह पान खाते थे। हकीमों ने उन्हें पान खाने से मना किया था, लेकिन नवाब साहब अपनी पान की लत को छोड़ ही नहीं पा रहे थे। उनकी पान की तलब को पूरा करने के लिए मलाई पान को इजाद किया गया, जिसे खाने के बाद उन्होंने पान खाना छोड़ दिया था।
इतने हैं मलाई गिलौरी के नाम
आज इस मिठाई का स्वाद विदेशी लोगों को भी खूब पसंद आता है। यहां के दुकानों पर इस मिठाई के लिए पर्यटक भी पहुंचते हैं। कोई इसे मलाई पान तो कोई मलाई गिलौरी और कोई सिर्फ गिलौरी के नाम से जानता है।
मलाई गिलौरी का स्वाद
इस मलाई की गिलौरी बनाने में बहुत मेहनत लगती है। इसे बनाने के लिए दूध को धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिसके बाद इसकी परत जमाकर मिठाई को तैयार किया जाता है। फिर उसमें मिश्री, पिस्ता, काजू, बादाम, केसर, इलायची, खांडसारी चीनी का मिश्रण भरा जाता है और चांदी के वर्क से सजाकर परोसा जाता है। यह मिठाई सेहत के लिए भी लाभकारी होती है।
