चार चिनार खामोश हैं। डल झील के पानी में भी कोई हलचल नहीं हैं। कश्मीर की वादियां शांत हैं, लेकिन यह चुप्पी ज्यादा देर रहने वाली नहीं है। क्योंकि सूरज की गर्मी बढ़ने के साथ ही यहां सियासी पारा चढ़ना भी शुरू हो चुका है। बल्कि सूरज की गर्मी से ज्यादा डल झील की ठंडी सतह पर चुनावी गर्माहट की लहरें हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए प्रचार जोर पकड़ चुका है। राजनीतिक दल भी डल में रहने वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे। जानते हैं कैसा है डल में चुनावी सियासी गर्मी का हाल -
उम्मीदवार और राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता डल में लोगों को अपनी-अपनी योजनाएं गिनाकर रिझाने का प्रयास कर रहे हैं। उधर प्रशासन भी डल में नुक्कड़ नाटक व सांस्कृति कार्यक्रमों के जरिए वोटरों को जागरुक करने में जुटा है। बता दें कि श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली डल झील 18 किमी के क्षेत्र में फैली है, जिसमें करीब 50 हजार मतदाता हैं।
