केतन मर्डर केस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस ने अब तक इस मामले में सात लोगों के बयान दर्ज किए हैं।इस मामले में आज लोनावाला पुलिस ने सिया के भाई साहिल से घंटो पूछताछ की। इसके अलावा,आरोपी चेतन की दुकान में काम करने वाले नीरज को हिरासत में लेकर भी 24 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। फिलहाल जांच में नीरज की हत्या में सीधे तौर पर कोई भूमिका सामने नहीं आई है।
केतन मर्डर केस में बड़ा खुलासा
सूत्रों के मुताबिक, अपने बयान में साहिल ने बताया कि सिया ने उसे या परिवार में किसी और सदस्य को कभी नहीं बताया कि वह यह शादी नहीं करना चाहती। इसके साथ ही साहिल ने यह भी कहा कि अगर सिया ने परिवार को बताया होता कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती, तो परिवार शादी के लिए कभी आगे नहीं बढ़ता। उसने कहा कि सिया के परिवार को चेतन के साथ उसकी शादी को लेकर भी कोई आपत्ति नहीं थी।
इसके अलावा, सूत्रों ने यह भी बताया कि नीरज ने पूछताछ में बताया कि उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि चेतन और सिया केतन की हत्या की साजिश रच रहे हैं। उसने यह स्वीकार किया कि घटना वाले दिन चेतन ने उसका मोबाइल फोन इस्तेमाल किया था लेकिन उसे चेतन के इरादों की कोई भनक नहीं थी।
नीरज को मुख्य गवाह बना सकती है पुलिस
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच में नीरज की भूमिका एक महत्वपूर्ण गवाह के रूप में सामने आ सकती है। संभावना है कि पुणे पुलिस उसे मुख्य गवाह बनाए ताकि यह स्थापित किया जा सके कि घटना वाले दिन चेतन अपना मोबाइल फोन दुकान पर छोड़कर गया था और उसने नीरज का फोन लेकर सिया से संपर्क और आपसी समन्वय (कोऑर्डिनेशन) करने के लिए उसका इस्तेमाल किया।
सीन रीक्रिएट करने की भी तैयारी
उधर,मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस अब लोहागढ़ फोर्ट पर घटनास्थल का क्राइम सीन रीक्रिएट करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक,इसकी पूरी योजना तैयार कर ली गई है लेकिन पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया है।
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम, समझेगी पुलिस
क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान पुलिस यह समझने की कोशिश करेगी कि सिया और उसके प्रेमी चेतन ने पूरी वारदात को कैसे अंजाम दिया। जांच टीम यह भी देखेगी कि घटना के समय केतन, सिया और चेतन किस-किस जगह पर मौजूद थे, धक्का किस स्थिति में दिया गया और उसके बाद शव कितनी दूरी तक खाई में गिरा। इसके लिए डमी बॉडी का इस्तेमाल किया जाएगा।
हालांकि, पुणे पुलिस का कहना है कि अभी इस प्रक्रिया का समय तय नहीं किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है और अब तक मिले सभी साक्ष्य परिस्थितिजन्य हैं। यही वजह है कि जांच एजेंसी हर छोटी-बड़ी कड़ी को जोड़ने में जुटी है और घटना से पहले तथा बाद की हर गतिविधि का बारीकी से विश्लेषण कर रही है।
