Lathmar Holi: बरसाना के अलावा और कहां होती है लट्ठमार होली? जगह का नाम जानकर कह उठेंगे वाह!

बरसाना की लट्ठमार होली उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की एक अनोखी और ऐतिहासिक परंपरा है। यह उत्सव राधा और कृष्ण के प्रेम तथा उनकी लीलाओं का प्रतीक है। फाल्गुन मास में बरसाना की संकरी गलियों में महिलाओं और पुरुषों के बीच रंग और लाठियों का खेल देखने को मिलता है। पर क्या आप बरसाना के अलावा उन जगहों के बारे में जानते हैं जहां भी लट्ठमार होली मनाई जाती है? अगर नहीं तो आइए जानें।

Lathmar Holi 2026: बरसाना की लट्ठमार होली उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की एक प्राचीन और विशिष्ट होली परंपरा है। यह उत्सव राधा रानी और भगवान कृष्ण के प्रेम तथा उनकी लीलाओं पर आधारित है। फाल्गुन मास में बरसाना की संकरी गलियों में आयोजित होने वाली इस होली में नंदगांव के पुरुष (हुरियारे) बरसाना की महिलाओं (हुरियारिनों) पर रंग डालते हैं और इसके जवाब में महिलाएं उन्हें हंसी-मजाक में लाठियों से मारती हैं। पुरुष अपनी ढाल से खुद को बचाते हैं। गौरतलब है कि, इस साल 26 फरवरी को बरसाना की महिलाएं नंदगांव के पुरुषों के साथ लट्ठमार होली मनाएंगी। यानी, ‘होरी’ के गीत गाते हुए वे पुरुषों पर प्रेमपूर्वक लाठियां बरसाएंगी। पर क्या आप ये जानत हैं कि, बरसाना के अलावा भारत में और लट्ठमार होली मनाई जाती है? अगर नहीं तो आइए जानें।

Lathmar Holi 2026

यहां भी मनाई जाती है लट्ठमार होली

लट्ठमार होली 2026

यहां भी होती है लट्ठमार होली

यूपी के सोनभद्र में भी लट्ठमार होली का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया जाता है। जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज में बरसाना की परंपरा के अनुरूप इस होली के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक और खेल संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि श्री कृष्ण अपने सखाओं के साथ कमर में फंटा बांधकर राधा रानी और उनकी सहेलियों के साथ होली खेलने बरसाना आया करते थे। इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार, महाभारत काल से जुड़ा विंध्य क्षेत्र और सोनभद्र जनपद कृष्ण भक्तों की प्राचीन भूमि के रूप में जाना जाता है। लठमार होली की एक और मजेदार परंपरा यह भी है कि अगर होली के दौरान कोई पुरुष लठ से छू लिया जाता है, तो उसे महिलाओं के कपड़े पहनने और सभी के सामने नृत्य करने का नियम पालन करना होता है।

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