दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शब्बीर अहमद लोन ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि राजधानी के प्रमुख मंदिर और भीड़भाड़ वाले इलाके लश्कर के निशाने पर थे। शब्बीर ने कुबूल किया कि उसने कालकाजी मंदिर, लोटस टेंपल और छतरपुर मंदिर की रेकी कर उनके वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे थे। पूछताछ में बांग्लादेश के जरिए नए आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की साजिश का भी खुलासा हुआ है।
आतंकी शब्बीर अहमद लोन (File Photo)
मंदिरों पर हमले की प्लानिंग का खुलासा
न्यूज वेबसाइट आज तक की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार 30 मार्च को लश्कर आतंकी शब्बीर अहमद लोन को दिल्ली बॉर्डर से गिरफ्तार किया। जिससे बाद सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। जिसमें शब्बीर ने बताया कि वह राजधानी के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले स्थानों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था। उसने कालकाजी मंदिर, लोटस टेंपल और छतरपुर मंदिर की रेकी कर वीडियो बनाए थे। उसने पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर को ये वीडियो भेजे थे। इसके अलावा उसने कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त इलाके की भी टोह ली थी, जिससे बड़े हमले को अंजाम देने की योजना बनाई जा सके।
पूछताछ में सामने आया नया आतंकी मॉड्यूल
पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और लश्कर के टॉप आतंकवादी अब बांग्लादेश को अपना नया ऑपरेशन सेंटर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जहां वे TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) की तरह एक नया आतंकी संगठन खड़ा करने की योजना बना रहे हैं, जिसके लिए बांग्लादेश के युवाओं की भर्ती की जा रही है।
शब्बीर अहमद का आतंकी इतिहास
शब्बीर अहमद का आतंकवाद से जुड़ा इतिहास भी सामने आया है। उसे साल 2015 में कश्मीर में सज्जाद गुल के साथ पकड़ा गया था। जहां से छूटने के बाद सज्जाद पाकिस्तान भाग गया और अब वह टीआरएफ का प्रमुख कमांडर बना गया है। लेकिन शब्बीर को बांग्लादेश भेजा गया, जहां वह लंबे समय तक अंडरग्राउंड रहा। अब वह हाल ही में सक्रिय हुआ और दिल्ली के अलावा दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल तक अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहा था। उसके खुलासों से ये साफ है कि आतंकी संगठन भारत में बड़े हमले की साजिश रच रहे थे। जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा अलर्ट हो गई हैं। और अब इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं।
