SIR in West Bengal: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया 23 साल बाद शुरू हुई है। 2002 के बाद पहली बार राज्य भर में वोटरों की लिस्ट में इस तरह का बदलाव की कवायद देखी जा रही है। मंगलवार से शुरू हुए इस अभियान के दूसरे ही दिन, बुधवार रात 8 बजे तक पूरे राज्य में 1.10 करोड़ से अधिक गणना के लिए फॉर्म (Enumeration Forms) बांटे जा चुके हैं। यह अभियान 4 दिसंबर तक चलेगा।
बंगाल में दो दिनों में बांटे गए 1 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्र (सांकेतिक तस्वीर | PTI)
80 हजार से अधिक BLO तैनात
चुनाव आयोग के अनुसार, SIR प्रक्रिया के तहत राज्य के 294 विधानसभा क्षेत्रों में 80,681 बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) तैनात किए गए हैं। अब तक 7.66 करोड़ से अधिक फॉर्म तैयार हो चुके हैं। प्रत्येक मतदाता को दो फॉर्म दिए जाएंगे। BLO दोनों प्रतियों पर काउंटरसाइन करेंगे, एक फॉर्म आयोग के रिकॉर्ड के लिए रहेगा और दूसरी मोहर लगी स्वीकृति के साथ मतदाता को दी जाएगी ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके।
पहले दिन कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं
चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया कि पहले दिन कहीं से कोई अप्रिय घटना रिपोर्ट नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि किसी BLO को किसी क्षेत्र में प्रतिरोध या बाधा का सामना करना पड़े, तो उस क्षेत्र के जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) को तुरंत जांच के निर्देश होते हैं।
EC अधिकारियों का निरीक्षण दौरा
इसी बीच चुनाव आयोग के प्रमुख सचिव एस.बी. जोशी और उप सचिव अभिनव अग्रवाल SIR के निरीक्षण के लिए पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं। वे कोचबिहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों में BLOs और ROs के कामकाज की समीक्षा करेंगे। CEO कार्यालय के अधिकारी भी समीक्षा बैठकों में मौजूद रहेंगे। अधिकारी आज यानी गुरुवार सुबह अलीपुरद्वार में फील्ड विजिट करेंगे, गुरुवार दोपहर कूचबिहार का दौरा करेंगे और कल, यानी शुक्रवार को जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग के कुछ हिस्सों में निरीक्षण करेंगे।
