यूपी के उन्नाव में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। घटना गांव ताजपुर की है, जहां एक युवक ने जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होने का अवधारणा के चलते जीवित समाधि ले ली। इसमें उसके चार दोस्तों ने सहयोग किया। जिंदा दफन होने के मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस त्वरित गति से घटना स्थल पर पहुंची व जल्दी से युवक को जमीन खोदकर बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने जिंदा समाधि लेने वाले युवक सहित 4 युवकों को हिरासत में लिया है।
उन्नाव में हैरान करने वाली घटना, जिंदा दफन हुआ युवक
आसीवान थाने के एसएचओ अनुराग सिंह के मुताबिक गांव ताजपुर के 22 वर्षीय युवक की मां बचपन में गुजर गई थी। अब उसे लगा कि जीवित समाधि लेने से मोक्ष मिलता है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। एसएचओ के मुताबिक घटना की जानकारी महकमे के आला अधिकारियों को दी गई है। आदेश के अनुसार कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
मोक्ष पाने की चाहत में ली जीवित समाधि
एसएचओ के मुताबिक युवक गांव के बाहर एक झोंपड़ी बनाकर गत 4 साल से रह रहा था। इस दौरान वह मां कालिका की मूर्ति स्थापित कर उसकी आराधना कर रहा था। नवरात्रि के मौके पर उसने मोक्ष पाने की चाहत में जीवित समाधि लेने का फैसला किया। इसके लिए उसने अपने चार दोस्तों की मदद ली। एसएचओ के मुताबिक सूचना के बाद मौके पर गए तो उसके दोस्त उसकी समाधि बनाने के बाद ऊपर लाल ध्वजा फहरा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने त्वरित गति से मिट्टी हटवाकर युवक को गड्ढे से जीवित बाहर निकाला। पूछताछ में उसके दोस्तों ने बताया कि, उसे इसके लिए रोका गया मगर वह अपनी जिद पर अड़ा रहा।ऐसे रहा कई देर तक जिंदा एसएचओ के मुताबिक युवक सहित अन्य 4 को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, समाधि के लिए 7 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया। इसके बाद युवक अंदर चला गया। बाद में ऊपर से लकड़ियां रखकर प्लास्टिक से गड्ढे को ढककर मिट्टी डाली गई। इस दौरान उसके पिता विनीत सहित कई ग्रामीण मौजूद थे। चिकित्सकों के मुताबिक लकड़ियों से कवर करने व प्लास्टिक से ढकने के बाद मिट्टी डाली गई। जिससे गड्ढे में मौजूद ऑक्सीजन की वजह से वह देर तक जिंदा रहा।
