सुहाना होगा जाम फ्री सफर, चलने वाली है कानपुर से उन्नाव तक मेट्रो! 7 नए रूटों से सीधे पहुंचेंगे बस अड्डा-एयरपोर्ट

Kanpur-Unnao Metro: कानपुर शहर आगामी 10 साल में मेट्रो के मकड़जाल से घिर जाएगा। यूपीएमआरसी ने 74.92 किलोमीटर के नए रूट को मेट्रो से कनेक्ट करने की योजना तैयार की है, जिसके तहत उन्नाव को भी मेट्रो की सौगात मिलेगी। आईटी से मंधना, सीएसए से ख्यौरा कटरी, नौबस्ता से रमईपुर और केंद्रीय विद्यालय कैंट से उन्नाव तक मेट्रो प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे। आइये जानतें हैं इसके अलावा और कहां तक मेट्रो के संचालन का प्लान बनाया जा रहा है?

Kanpur-Unnao Metro: कानपुर शहर आगामी कुछ सालों में जाम से काफी हद तक राहत महसूस करेगा। चूंकि, अगले 10 साल में शहर के कोने-कोने तक मेट्रो का मकड़जाल फैलाये जाने की योजना है। इतना ही नहीं यह परियोजना गंगा के उस पार यानी उन्नाव को भी कनेक्ट करेगी। यानी अब कानपुर से सीधे उन्नाव तक मेट्रो दौड़ती नजर आएगी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने साल 2035 तक उन्नाव समेत 7 और नए रूटों पर मेट्रो ट्रेन दौड़ाने का प्लान बनाया है। उन्नाव तक विस्तारित रूट से बड़ी आबादी को आवागमन में सुविधा होगी। 74.92 किलोमीटर के नए रूट के लिए यूपीएमआरसी ने राइट्स संस्था के साथ सर्वे कंपलीट किया है। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद कार्य को धरातल पर उतारा जा सकता है। फिलहाल, शहर के 2 रूटों पर मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। इसमें से ऑरेंज लाइन पर आईआईटी से मोतीझील तक हाईटेक एसी ट्रेन से लोग सफर कर रहे हैं। इसी साल सेंट्रल स्टेशन से नौबस्ता तक विस्तारित रूट का कार्य जल्द ही पूरा होगा। उधर, सीएसए से बर्रा-8 तक ब्लू लाइन का निर्माण कार्य अंतिम दिशा की ओर अग्रसर है। आइये जानते हैं उन्नाव समेत किन नए 7 रूटों पर मेट्रो के संचालन की योजना है, जिससे बस अड्डे समेत एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।

Kanpur-Unnao Metro.

कानपुर-उन्नाव मेट्रो

2030 तक मेट्रो से जुड़ेंगे ये रूट

यूपीएमआरसी के 7 नए प्रोजेक्ट 74.92 किलोमीटर के दायरे को कवर करेंगे। इन परियोजनाओं को विकसित करने के लिए अनुमानित 34276.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नए सर्वे के मुताबिक, वर्तमान में निर्माणाधीन ऑरेंज लाइन और ब्लू लाइन मेट्रो कॉरिडोर के अंतिम स्टेशनों यानी नौबस्ता और बर्रा-8, 5.9 किलोमीटर को आपस में जोड़ा जाएगा। ब्लू लाइन मेट्रो की कुल लंबाई 8.6 किलोमीटर है। दोनों कॉरिडोर को कनेक्ट करने के लिए चिन्हित रूट पर हाईटेंशन लाइन बाधा बन रही है। लिहाजा, लाइन को ऊंचा या शिफ्ट कर एलिवेटेड ट्रैक बिछाया जाएगा। इस परियोजना को विकसित करने में 1799.63 करोड़ रुपये है। इसमें जमीन अधिग्रहित करने की जरूरत नहीं है। यह कार्य साल 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस कॉरिडोर के कनेक्ट होने से यात्री इंटरचेंज कर सकेंगे।

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