कानपुर देहात : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर गुटबाजी और आंतरिक कलह की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जो अब लखनऊ तक पहुंच गई है। पार्टी ने पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला, राजेश तिवारी और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी को अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के निर्देश पर पार्टी महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल ने जारी किया है।
भाजपा मंत्री प्रतिभा शुक्ला और अनिल शुक्ला वारसी (फोटो-ट्विटर)
7 दिन के भीतर देना होगा जवाब
नोटिस में कहा गया है कि इन नेताओं की गतिविधियां पार्टी के आचरण के विपरीत हैं और उन्हें 7 दिन के भीतर अपना जवाब देने के लिए कहा गया है। यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।मनोज शुक्ला और राजेश तिवारी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दूसरी पार्टियों से आए नेताओं पर निशाना साधा था, यह कहते हुए कि वे पार्टी के लिए हानिकारक हैं और व्यक्तिगत हित साधने में लगे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि चारों विधायक भ्रष्ट हैं और इनमें से कोई भी पुराना भाजपाई नहीं है। इसके अलावा, अनिल वारसी ने 24 जुलाई को एक धरना दिया था, जिसमें उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे का आरोप लगाया था। इस मामले में योगी सरकार ने उन्हें नोटिस जारी किया है।
