दुनिया के अमीरों की लिस्ट हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2024 जारी कर दी गई है, जिसमें उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले दो सगे भाईयों ने अपनी जगह बनाई है और वह यूपी के सबसे अमीर आदमी की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। दोनों भाइयों ने पूरी यूपी में अपने नाम का डंका बजा दिया है।आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले ये दोनों उद्योगपति दुनिया के सबसे बडे रईसों की लिस्ट में आ गए हैं।
मुरलीधर ज्ञानचंदानी और बिमल ज्ञानचंदानी
लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये दोनों भाई कौन हैं, अगर नहीं, तो आइए आज जानते हैं यूपी के सबसे अमीर उद्योगपति मुरलीधर ज्ञानचंदानी और बिमल ज्ञानचंदानी की कहानी।
ऐसे शुरु हुआ घड़ी का सफर
आप सभी ने डिटर्जेंट ब्रांड घडी के बारे में जरूर सुना होगा। आज घड़ी भारत के सबसे बड़े एफएमसीजी और डिटर्जेंट ब्रांड में से एक है। आपको बता दें कि इसकी शुरुआत ज्ञानचंदानी भाइयों के पिता दयालदास ज्ञानचंदानी ने की थी। दयालदास ज्ञानचंदानी ने अपने ब्रांड को घर-घर में मशहूर किया और लोगों के बीच ये ब्रांड एक बड़ी पहचान बन गई। पहले साबुन को बनाने के लिए इसमें तेल का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन घड़ी साबुन में तेल की जगह गिलिस्रीन का इस्तेमाल किया गया और ये साबुन लोगों की पहली पसंद बन गई। इनकी कंपनी का नाम आपएसपीएल (RSPL) है।
यूपी के सबसे अमीर उद्योगपति
हाल ही में हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2024 लिस्ट जारी की गई है। इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश के इन दो उद्योगपतियों का नाम शामिल है। उत्तर प्रदेश के इन दोनों भाईयों को दुनिया के रईसों की सूची में एक साथ शामिल किया गया है। इस सूची में उत्तर प्रदेश के मुरलीधर ज्ञानचंदानी 1632वें स्थान पर तथा उनके भाई बिमल ज्ञानचंदानी 2279वें स्थान हैं। मुरलीधर ज्ञानचंदानी की कुल प्रोपर्टी 183 अरब तथा उनके भाई बिमल की कुल प्रोपर्टी 125 अरब बताई गई है।
रेड चीफ के भी हैं मालिक
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के सबसे अमीर व्यक्ति मुरली धर ज्ञानचंदानी का परिवार मशहूर फुटवियर कंपनी रेड चीफ के भी मालिक हैं। दोनों भाइयों ने 1980 के दशक में घड़ी डिटर्जेंट को बाजार में तब उतारा, जब मार्केट में निरमा का दबदबा था। वह घड़ी ब्रांड के डिटर्जेंट की बिक्री विदेशों में भी करते हैं। ज्ञानचंदानी फैमिली का कानपुर में एक चैरिटेबल हॉस्पिटल भी है। 1995 में मुरलीधरन ज्ञानचंदानी ने लेयान ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत की, जो अब रेड चीफ जूते बनाती है। इनका हर साल का टर्नओवर हजारों करोड़ है।
