जिस तरह से गुजरात के अहमदाबाद में नर्मदा रिवर फ्रंट बनाया गया है, जिस तरह से लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट बनाया गया है। उसी तरह से कानपुर में भी गंगा रिवर फ्रंट को लेकर लंबे समय से बातचीत हो रही है। शुरुआत में प्लान बनाया गया था कि कानपुर में गंगा बैराज से सिद्धनाथ घाट तक 11.5 किमी लंबा गंगा रिवरफ्रंट बनाया जाएगा। गंगा रिवरफ्रंट का प्रोजेक्ट एक बार फिर चर्चा में है और इसका शुरुआती चरण 8 किमी लंबा होगा। शनिवार 3 मई को तीन विभागों के इंजीनियरों की टीम ने तीन घंटे तक नाव से सर्वे किया। डिवीजनल कमिश्नर के विजयेंद्र पांडियन के निर्देश पर रिवरफ्रंट के लिए यह सर्वे गंगा बैराज से शुक्लागंज तक किया गया। इस सर्वे में ड्रोन्स की भी मदद ली गई, ताकि यहां के वीजुअल्स लिए जा सकें।
कानपुर में बनेगा गंगा रिवरफ्रंट (AI Image)
इंजीनयरों की एक टीम जल्द ही बिहार की राजधानी पटना का भी दौरा करेगी। टीम पटना में गंगा पाथ प्रोजेक्ट पर स्टडी करेगी। इस टीम की ऑब्जरवेशन और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर डिवीजनल कमिश्नर के जरिए राज्य सरकार को एक डिटेल रिपोर्ट सौंपी जाएगी। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डेवलमेंट एजेंडा के तहत गंगा रिवरफ्रंट एक प्रमुख प्रोजेक्ट है। प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करना भी शुरू कर दिया है।
हालांकि, कानपुर में रिवरफ्रंट बनाने की योजना पहली बार साल 2013 में बनाई गई थी, लेकिन एक दशक से ज्यादा समय बीतने के बाद भी इस योजना पर काम नहीं हो पाया। 29 अगस्त 2024 को यहां के GIC ग्राउंड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ ने गंगा रिवरफ्रंट की योजना को एक बार फिर से जिंदा कर दिया।
रिवरफ्रंट बनने से यहां पर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। गंगा नदी की सफाई होगी और यहां पर मरीन लाइफ पर भी असर पड़ेगा। शहर में आने वाले पर्यटकों के लिए एक और पर्यटन स्थल विकसित होगा। जहां पर घूमने के लिए पार्क के साथ ही खाने-पीने की दुकानें भी मौजूद होंगी।
