Kangana Ranaut News: मंडी संसदीय क्षेत्र से सांसद व अभिनेत्री कंगना रनौत ने शनिवार को जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति ('दिशा') की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान सांसद निधि (MPLAD) का बजट समय पर खर्च न होने और विकास कार्यों में हो रही देरी को लेकर कंगना का सख्त रुख देखने को मिला। उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों और बीडीओ (BDO) की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताते हुए उनकी जमकर क्लास लगाई।
बीजेपी सांसद कंगना रनौत (फाइल फोटो- PTI)
अधिकारियों पर भड़की कंगना
बैठक के दौरान कंगना रनौत ने अधिकारियों की सुस्ती पर तंज कसते हुए कहा कि एक्टिंग के मामले में तो अधिकारी उनसे भी आगे निकल चुके हैं। सांसद निधि का पैसा खर्च न होने पर अपनी भड़ास निकालते हुए उन्होंने कहा, "यह एक ब्लडी जोक बन गया है। इस लापरवाही के कारण नेशनल मीडिया में मेरा मजाक उड़ाया जाता है और मैं वहां कुछ बोल भी नहीं पाती।"
कंगना ने स्पष्ट किया कि सांसद का काम केंद्र से बजट और फंड स्वीकृत कराना होता है, जबकि उसे धरातल पर खर्च करने की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों की होती है।
BDO को खड़ा कर मांगी परफॉर्मेंस रिपोर्ट
बैठक में कंगना ने सभी प्रखंड विकास अधिकारियों (BDO) को खड़ा कर उनसे सांसद निधि के खर्च को लेकर जवाब-तलब किया। उन्होंने बताया कि स्वीकृत 11 करोड़ रुपये के फंड में से अभी तक आधा पैसा भी इस्तेमाल नहीं किया जा सका है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे बैठकों में केवल खानापूर्ति के लिए न आएं, बल्कि पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों की प्रगति रिपोर्ट भी साथ लाएं। केवल योजनाएं बनाने से बदलाव नहीं आएगा, जब तक उन्हें जमीन पर सही तरीके से लागू न किया जाए।
अटके कामों की कैटेगरी वाइज लिस्ट बनाने का निर्देश
सरकारी फंड के अटके होने पर सांसद ने स्थिति साफ करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई जगह केंद्र से पैसा आने के बाद भी जमीन विवाद या अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) न मिलने से काम बंद पड़ा है।
कंगना ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 40%, 50%, 60% और 80% तक पूरे हो चुके विकास कार्यों की अलग-अलग पारदर्शी लिस्ट तैयार की जाए। हर लंबित परियोजना को पूरा करने के लिए स्पष्ट टाइम-लाइन और एक्शन प्लान बनाया जाए। जब तक अटका हुआ पैसा वास्तव में सरकारी खाते में वापस न आ जाए, तब तक कागजी कार्रवाई को पूरा न माना जाए।
लापरवाही पर ऊपर भेजी जाएगी रिपोर्ट
सांसद कंगना रनौत ने जोर देकर कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र के विकास पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। ऐसे में किसी भी विभाग की प्रशासनिक लापरवाही से गलत संदेश नहीं जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि आगे भी हर विभाग के कामकाज की इसी तरह निष्पक्ष जांच की जाएगी। जहां भी अधिकारियों या कर्मचारियों के स्तर पर ढिलाई पाई जाएगी, वहां सीधी जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
