Kal Ka Mausam: 7 से 12 सितंबर तक बदलेगा मौसम का मिजाज, उत्तर से मध्य और पूर्वोत्तर तक जमकर बरसेंगे मेघ; जानें IMD का लेटेस्ट अपडेट

Kal Ka Mausam 7 September 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: देशभर में मानसून की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं, जिसके चलते कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल रहा है। मौसम प्रणालियों के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान, मध्य भारत, पहाड़ी राज्यों तथा पूर्वोत्तर तक अलग-अलग तीव्रता की बारिश का अनुमान है। वहीं बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जबकि दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी आने वाले दिनों में वर्षा और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

Kal Ka Mausam 7 September 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है और अलग-अलग राज्यों में बारिश का दौर जारी है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। वहीं, बिहार में बाढ़ का असर बढ़ने से लाखों लोग प्रभावित हैं, जबकि दक्षिण भारत और पहाड़ी राज्यों में भी आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर मानसून की अक्षीय रेखा (Monsoon Trough) इस समय अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है।

Kal Ka Mausam

कल का मौसम

पिछले दिन उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) आज, 6 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में स्थित है। इसके अगले 24 घंटों के दौरान पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर दक्षिण गुजरात से लेकर उत्तर बांग्लादेश तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के रूप में मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो गया है। यह मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों पर लगभग 66 डिग्री पूर्वी देशांतर के साथ 28 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में ट्रफ के रूप में फैला हुआ है। पूर्वोत्तर असम और आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा, दक्षिण तेलंगाना से लेकर मन्नार की खाड़ी तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक ट्रफ सक्रिय है। मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर सौराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों में भी ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इन सभी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

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