मार्च का महीना अब खत्म होने वाला है। भीषण ठंड के बाद जहां लग रहा था कि अब गर्मी आएगी तो वहीं लोगों बरसात-आंधी और ओलावृष्टि देखने को मिली। मौसम के इस हाल से किसानों को काफी नुकसान हुआ, साथ ही कई इलाकों में ठनका यानी आकाशीय बिजली गिरने से कुछ लोगों की जान भी गई। ऐसे में आइए जानें कि 31 मार्च और उसके बाद अप्रैल के पहले हफ्ते का मौसम कैसा रहने वाला है? लेकिन उससे बात करते हैं मौसम प्रणालियों की।
कल का मौसम कैसा रहेगा
दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव के कारण, उत्तर-पश्चिम भारत में इस सप्ताह वर्षा का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिसमें अधिकतम गतिविधि 31 मार्च और 4 अप्रैल के बीच देखने को मिल सकती है। कश्मीर घाटी में आज कुछ स्थानों पर भारी बारिश या हिमपात होने की संभावना है। पूर्वी भारत और उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में 31 मार्च को कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है। उत्तर-पूर्व भारत और इसके आसपास के पूर्वी हिस्सों में इस सप्ताह बारी-बारी से या व्यापक स्तर पर बारिश होने के साथ गरज, बिजली और तेज हवाओं की संभावना भी है। खासतौर से 31 मार्च और 1 अप्रैल को उत्तर-पूर्व भारत में कुछ जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी इस सप्ताह बारी-बारी से वर्षा के साथ गरज, बिजली और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। इसके अलावा, 31 मार्च से 1 अप्रैल के बीच केरल में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में कल मौसम आमतौर पर बादलों से ढका रहेगा। दोपहर से शाम के बीच हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 32°C से 34°C के बीच और न्यूनतम तापमान 18°C से 20°C के बीच रहने की उम्मीद है। राजधानी के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य के करीब (-1.5°C से 1.5°C) रहेगा और अधिकतम तापमान भी सामान्य के करीब (-1.5°C से 1.5°C) रहेगा। हवा मुख्यतः दक्षिण-पूर्व दिशा से चलेगी। सुबह हवा की गति लगभग 10 किमी/घंटा तक रह सकती है, दोपहर में यह बढ़कर 12 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है और दिशा उत्तर की ओर होगी। शाम और रात के दौरान हवा की गति धीरे-धीरे बढ़ेगी, उत्तर-पूर्व दिशा से बहते हुए 15 किमी/घंटा से अधिक नहीं होगी।
पश्चिमी हिमालय क्षेत्रों में मौसम का हाल
31 मार्च को पश्चिमी हिमालय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा और बर्फबारी की संभावना है। साथ ही, कुछ स्थानों पर गरज, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं। 3 और 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में भी हल्की से मध्यम वर्षा/बर्फबारी के साथ गरज-बिजली और तेज हवाओं का असर देखा जा सकता है। वहीं, उत्तराखंड में 3 से 5 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश और छिटपुट गरज-बिजली के साथ 30-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना है।
उत्तर भारत में कल का मौसम कैसा रहेगा?
31 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं का अनुमान है। वहीं, 30 मार्च को पश्चिमी राजस्थान में भी समान मौसम रहने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 3 से 5 अप्रैल तक मौसम में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी। पश्चिमी राजस्थान में 2 से 4 अप्रैल, पूर्वी राजस्थान में 3 और 4 अप्रैल, तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 और 5 अप्रैल को भी समान स्थिति रहने की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश
31 मार्च से 3 अप्रैल के बीच उत्तर पूर्वी भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं की संभावना है।
राज्यों के अनुसार मौसम का अनुमान
- अरुणाचल प्रदेश: 31 मार्च और 1 अप्रैल को बारिश और तूफानी हवाओं की संभावना है।
- असम और मेघालय: 30 मार्च से 1 अप्रैल के दौरान भारी वर्षा हो सकती है।
- नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा: 30 और 31 मार्च को इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम का मौसम
31 मार्च से 2 अप्रैल तक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं की संभावना है। 31 मार्च को इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। 31 मार्च को बिहार और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में गरज के साथ आंधी आने की संभावना है। हवाओं की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। 31 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ क्षेत्रों में छिटपुट ओलावृष्टि होने की संभावना है।
झारखंड और ओडिशा में मौसम ऐसा रहेगा
झारखंड में 31 मार्च और 2-3 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाओं (40-60 किमी प्रति घंटे) की संभावना है। वहीं, ओडिशा में 31 मार्च से 3 अप्रैल के बीच छिटपुट से मध्यम बारिश, गरज-बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। 30 मार्च को भी यहां बारिश की संभावना है।
मध्य से पश्चिमी भारत का मौसम
IMD की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले पांच दिनों में मध्य भारत में मौसम अस्थिर रहने की संभावना है। इस दौरान हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गरज और बिजली के साथ-साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं। 31 मार्च और 1 अप्रैल को विदर्भ क्षेत्र में वर्षा की उम्मीद है। इसके साथ ही 31 मार्च से 1 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की भी संभावना जताई गई है। वहीं, 31 मार्च से 3 अप्रैल के बीच मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में मौसम अस्थिर रहने की संभावना है। इस दौरान हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 30 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 31 मार्च को मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना भी है। वहीं, गुजरात में 2 और 3 अप्रैल को भी इसी तरह का मौसम रहने की उम्मीद है। कोंकण और गोवा में 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
दक्षिण भारत में मौसम कैसा रहेगा?
दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों में मौसम अस्थिर रहने की संभावना है। 31 मार्च को केरल और माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ बिजली गिरने की संभावना है। रायलसीमा में 1 अप्रैल तक बारिश होने की उम्मीद है। तमिलनाडु में 31 मार्च को, केरल और माहे में 1 से 3 अप्रैल तक और तटीय कर्नाटक में 31 मार्च से 3 अप्रैल तक बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा, 31 मार्च को केरल और माहे तथा तटीय कर्नाटक में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
अधिकतम तापमान का पूर्वानुमान
अगले कुछ दिनों में भारत के विभिन्न हिस्सों में अधिकतम तापमान के रुझान में क्षेत्रीय फर्क देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में, उत्तर प्रदेश को छोड़कर, अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आएगी; 31 मार्च से 3 अप्रैल के बीच यह 3-5°C तक बढ़ने की संभावना है और 4 और 5 अप्रैल को फिर से 3-5°C की गिरावट होने की उम्मीद है। मध्य भारत में 1 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, जबकि 2 से 5 अप्रैल के दौरान इसमें 2-3°C की धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिलेगी। पूर्वी भारत में 1 अप्रैल तक तापमान स्थिर रहने की संभावना है, लेकिन 2 से 5 अप्रैल के बीच इसमें 2-4°C की बढ़ोतरी होने की संभावना है। गुजरात में 1 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में 2-3°C की धीरे-धीरे गिरावट आएगी, इसके बाद 2 से 5 अप्रैल तक कोई खास बदलाव नहीं होगा। महाराष्ट्र में 31 मार्च से 5 अप्रैल के तापमान में 2-3°C की गिरावट देखने को मिलेगी।
FAQs
अप्रैल के पहले हफ्ते में मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा का सिलसिला जारी रहेगा, वहीं मध्य और पूर्वी भारत में हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। उत्तर-पूर्व और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी बारी-बारी से बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा।
दिल्ली में कल का मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली में मौसम आमतौर पर बादलों से ढका रहेगा। दोपहर से शाम के बीच हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। अधिकतम तापमान 32°C–34°C और न्यूनतम तापमान 18°C–20°C के बीच रहने की संभावना है। हवा मुख्यतः दक्षिण-पूर्व दिशा से चलेगी और शाम तक धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व दिशा में बदल सकती है।
पश्चिमी हिमालय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
31 मार्च को हल्की से मध्यम वर्षा और बर्फबारी के साथ गरज-बिजली और तेज हवाओं का अनुमान है। 3 और 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी के साथ तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना है।
दक्षिण भारत में बारिश की संभावना कब तक बनी रहेगी?
केरल और माहे में 31 मार्च से 1 अप्रैल के बीच कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में 1 से 3 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।
अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान कैसा रहेगा?
उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में हल्की गिरावट के बाद 31 मार्च से 3 अप्रैल तक 3-5°C की वृद्धि, फिर 4 और 5 अप्रैल को 3-5°C की गिरावट होगी। मध्य भारत में 2 से 5 अप्रैल के बीच तापमान में 2-3°C की धीरे-धीरे गिरावट, पूर्वी भारत में 2-5 अप्रैल के बीच 2-4°C की बढ़ोतरी की संभावना है।
