शहर

72 घंटे होंगे भारी, तेज आंधी, बरसेगा झमाझम पानी; 15 राज्यों में बिजली-ओले गिरने की चेतावनी

देश के विभिन्न हिस्सों पर 28 से 30 मार्च या अप्रैल के पहले सप्ताह तक बादलों का पहरा दिखाई दे सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 72 घंटे उत्तर भारत में नए मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से 40 से 50 किमी. की रफ्तार वाली हवा चलेगी और कहीं-कहीं बारिश व ओलावृष्टि से मौसम का मिजाज बिगाड़ेगा। वहीं, पहाड़ों पर विक्षोभ के असर से बारिश और बर्फबारी का येलो अलर्ट घोषित किया गया है। उधर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई तटीय भागों पर आंधी-तूफान और भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

Image

मौसम आज-कल

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि मार्च का अंत और अप्रैल की शुरुआत आंधी-बारिश के बीच होगी। इससे ये संकेत मिलते हैं कि अगले सप्ताह भी तापमान सामान्य रहेगा और लोगों को गर्मी से राहत रहेगी। हालांकि, ये मौसमी गतिविधियां रबी की फसल से संबंधित किसानों के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती हैं। अगले 72 घंटों के दौरान दक्षिण भारत के कुछ राज्यों और पूर्वोत्तर में मौसम करवट लेगा। स्काईमेट के मुताबिक, सिक्किम, ओडिशा, नागालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों के साथ मध्य प्रदेश में आंशिक तौर पर आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम या भारी बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर ओले और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा रहेगा। आईएमडी ने 28 से 30 मार्च के बीच उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा, जिसके प्रभाव से हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश मौसम, ओलावृष्टि व वज्रपात का अनुमान है। वहीं, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले भागों पर बर्फबारी एवं बारिश का अलर्ट जारी रखा गया है।

उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर

उत्तर भारत में 30-31 मार्च तक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर बरकरार रह सकता है, जो 1-2 अप्रैल तक आंधी-बारिश की गतिविधियां करता नजर आएगा। हालांकि, इस बीच मौसम ब्रेक लेगा और बादलों की आवाजाही के बीच धूप खिली नजर आ सकती है, लेकिन तापमान सामान्य रहेगा। आईएमडी की मानें तो गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना बनी रहेगी। इस बेमौसम बारिश से उत्तर भारतीय हिस्सों पर खेतों में पक कर खड़ी रबी की फसल में गेहूं, चने और सरसों को काफी नुकसान पहुंच सकता है।

यूपी में कल का मौसम

उत्तर प्रदेश में 29 मार्च से दूसरा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि पूरे प्रदेश में विक्षोभ का असर दिखाई दे सकता है। इसके प्रभाव से 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं यानी धूल भरी आंधी चलेगी और करीब 38 जिलों में हल्की बारिश से मौसम बदलेगा और न्यूनतम व अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तापमान में गिरावट होगी।

  • 29 मार्च को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश
  • 30 मार्च को पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश
  • 31 मार्च को पश्चिमी-पूर्वी यूपी में आंधी-बारिश-ओलावृष्टि
  • 1 अप्रैल को पूर्वी यूपी में मेघ गर्जन के साथ बौछारे गिरने का अलर्ट

बिहार में मौसम कैसा है

बिहार में अगले 5 दिन तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे के दौरान नालंदा, पटना, जहानाबाद, भोजपुर, बेगूसराय, वैशाली, बांका, अररिया, भागलपुर, दरभंगा, जमुई, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधुबनी, मधेपुरा, पूर्णया, सहरसा, समस्तीपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, शेखपुरा और सुपौल जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है। इस जिलों में 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने और ठनका व ओले गिरने की चेतावनी है।

दिल्ली-एनसीआर में मौसम कैसा है?

दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। बादलों की आवाजाही के बीच धूप-छांव का खेल जारी है। पिछले 24 घंटे के दौरान हल्की हवाओं के साथ बौछारें गिरने से मौसम काफी सुहावना बना हुआ है। हालांकि, तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 3 दिन तक रुक-रुक कर बादल छाए रहेंगे और कभी-कभी आसमान साफ रहेगा। रविवार को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से कम रहने का अनुमान है। हालांकि, हवाओं की गति अच्छी होने और बौछारों के कारण हवा की क्वालिटी में सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल, एक्यूआई 150 के अंदर बना हुआ है। सीपीसीबी के अनुसार, 0-50 का एक्यूआई अच्छा, 51-100 संतोषजनक, 101-200 मध्यम, 201-300 खराब, 301-400 अत्यंत खराब और 401-500 गंभीर माना जाता है।

राजस्थान में मौसम कैसा रहेगा

राजस्थान में नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रियता से राज्य के कई इलाकों में आंधी और बारिश का अलर्ट घोषित है। मौसम विभाग ने बताया कि नए विक्षोभ के कारण 28 मार्च से राज्य के कुछ भागों में तेज आंधी-बारिश हो सकती है, जो अगले कई दिनों तक रुक-रुक कर जारी रह सकती है। 29 से 31मार्च को बीकानेर, अजमेर, जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, उदयपुर, कोटा संभाग , शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में कहीं-कहीं आंधी-बारिश होने का अनुमान है। इतना ही नहीं ये बारिश अप्रैल के पहले सप्ताह में जारी रह सकती है। खराब मौसम के दौरान कहीं-कहीं ओले और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी है। फिलहाल अधिकतम तापमान कोटा में 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सिरोही में 17.6 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।

उत्तराखंड का मौसम

उत्तराखंड में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से अगले कई दिनों तक आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में हल्की बारिश के ओलावृष्टि की चेतावनी है। कई हिस्सों पर बर्फबारी का अनुमान है। हालांकि, मैदानी जिलों में आंशिक तौर पर बादलों के छाए रहने के अलावा बारिश को लेकर अलर्ट नहीं है।

हिमाचल प्रदेश में मौसम कैसा है?

हिमाचल प्रदेश में अप्रैल के पहले सप्ताह तक मौसम खराब रह सकता है। आईएमडी ने शिमला, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी समेत करीब 10 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 50-60 की रफ्तार से हवाएं चलने का येलो अलर्ट है। दो और तीन अप्रैल को फिर से भारी बारिश और बर्फबारी के साथ आंधी-तूफान का पूर्नानुमान घोषित किया गया है। हालांकि, हिल्ल एरिया के लाहौल-स्पीति, किन्नौर, सिरमौर और सोलन में बर्फबारी के अलावा बारिश की संभावना कम है। उधर, कश्मीर की घाटियां भी बारिश और बर्फबारी से ढकी नजर आ सकती है। यहां भी अगले एक सप्ताह तक आंधी बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां जारी रहेंगी। फिलहाल, तापमान में कमी रहने से ठंडक का एहसास होगा। मौसम विभाग ने कई हिस्सों पर हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। लोगों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

कोलकाता में बारिश

पूर्वोत्तर में बदले मौसम का असर पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों पर है। शनिवार से कोलकाता समेत कई शहरों में आंधी-बारिश से मौसम बदल गया है। तूफानी हवाओं के कारण कई उड़ाने प्रभावित हुईं। उधर, झारखंड और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों पर भी मौसमी गतिविधियां होने का अलर्ट है। फिलहाल, मौसमी गतिविधियां होने से तापमान सामान्य रहने और गर्मी से राहत की उम्मीद है। हालांकि, कई क्षेत्रों में हीटवेव की संभावना है।

तमिलनाडु में बारिश

दक्षिण भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर बना हुआ है। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटे के दौरान पश्चिमी घाट से जुड़े जिलों पर तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में बादल छाए रहेंगे और तेज बारिश से मौसम बदलेगा। हालांकि, तटीय हिस्सों को छोड़कर शेष हिस्सों पर मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, अन्य दक्षिणी राज्यों में तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, जिससे हीटवेव का सिलसिला शुरू हो गया है। चेन्नई में भी आंशिक तौर पर बादलों की आवाजाही रहेगी और अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

29 मार्च रविवार का तापमान

शहर का नामन्यूनतम तापमानअधिकतम तापमान
दिल्ली18°C30°C
मुंबई26°C30°C
जयपुर21°C31°C
भोपाल23°C34°C
चंडीगढ़18°C28°C
कोलकाता23°C31°C
चेन्नई26°C33°C
हैदराबाद23°C36°C
रांची19°C31°C
लखनऊ21°C32°C
पटना21°C32°C
देहरादून15°C23°C
शिमला11°C20°C
कश्मीर6°C13°C

क्या है पश्चिमी विक्षोभ

उत्तर भारत और पहाड़ों पर अक्सर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की सूचना मिलती है। इसके प्रभाव से आंधी-बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाती हैं। तो लोग जानना चाहते हैं कि पश्चिमी विक्षोभ क्या है? तो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कोई तूफान नहीं होता, बल्कि यह एक पूरा मौसमी सिस्टम होता है। इसे विज्ञान की भाषा में एक्स्ट्राट्रॉपिकल डिस्टर्बेंस कहा जाता है। इसका मतलब है ऐसा दबाव तंत्र जो उष्णकटिबंधीय इलाकों के बाहर बनता है और ठंडी नम हवाओं के साथ आगे बढ़ता है। आईएमडी के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ आमतौर पर भूमध्यसागर, कैस्पियन सागर या ब्लैक सी के आसपास जन्म लेता है, जहां ठंडी ध्रुवीय हवाएं और अपेक्षाकृत गर्म समुद्री सतह आपस में टकराती हैं। जब इन क्षेत्रों में वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ती है तो वहां कम दबाव का क्षेत्र बनता है। यही कम दबाव आगे चलकर पश्चिमी विक्षोभ का रूप लेता है। यह सिस्टम अपने साथ नमी, बादल और ठंडी हवाएं लेकर चलता है और धीर-धीरे पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ता है।

हीटवेव क्या है?

मार्च की शुरुआत से ही अधिकांश राज्यों में तापमान बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिन में तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और रायमसीला में दिन का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। अगले 10 दिन में 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मैदानी इलाकों में हीटवेव के 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना आवश्यक है, जो सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होना चाहिए। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30 डिग्री सेल्सियस निर्धारित है। इस दौरान डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और जानलेवा हीटस्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है। ले चलमे से चक्कर आना, बेहोशी इत्यादि आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

गर्मी कहां पड़ रही

देश के अधिकांश भागों पर तापमान में बढ़ोतरी जारी है। हालांकि, अभी भी हिमालयी राज्यों पर बर्फबारी से मौसम सर्द है, लेकिन उत्तर भारत में न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। लिहाजा, अगले सप्ताह तक मौसम काफी गर्म महसूस होगा। फिलहाल, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और गुजरात, महाराष्ट, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकांश भागों पर गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है। जल्द ही कुछ राज्यों में लू और सनबर्न का अलर्ट जारी हो सकता है।

सनबर्न क्या होता है?

गर्मी का सीजन शुरू होने के संकेत मिलने लगे है। लिहाजा गर्मियों के सीजन से बचाव के लिए सनबर्न का अलर्ट जारी किया जाता है। दरअसल, एक्सपर्ट के मुताबिक, सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक माना जाता है। चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के अधिक संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द महसूस होता है। यानी की अधिकांश केस में स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क प्रतीत होता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article