Kal Ka Mausam: गणतंत्र दिवस पर बदलेगा मौसम का रंग; उत्तर भारत में होगा ठंड और बारिश का संगम, पश्चिमी विक्षोभ दिखाएगा अपने तेवर

Kal Ka Mausam, 26 January 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: कल पूरे देश में गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस समय उत्तर भारत के कई हिस्सों में हुई बारिश ने ठंडक को बढ़ा दिया है। कश्मीर और हिमाचल जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी ने मौसम को बेहद मनमोहक बना दिया है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में कोहरा और शीतलहर का असर भी देखा गया है। ऐसे में आइए जानें कल का मौसम कैसा रहेगा?

Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): कल पूरा देश गणतंत्र दिवस मनाएगा। इसी बीच मौसम की बात करें तो, उत्तर भारत के कई राज्यों में हुई बारिश ने ठंड का प्रकोप फिर बढ़ा दिया है। इसी बीच कश्मीर, हिमाचल जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी से वातावरण दिलकश हो गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश तथा मेघालय के कुछ क्षेत्रों में घने कोहरे की स्थिति देखी गई। राजस्थान के कई हिस्सों में शीतलहर से लेकर अत्यधिक शीतलहर का प्रभाव रहा, जबकि हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के कुछ इलाकों में भी शीतलहर दर्ज की गई। अरुणाचल प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक सहित बारिश हुई।

Kal Ka Mausam 26 January 2026

कल का मौसम 26 जनवरी 2026

IMD की वेदर रिपोर्ट के अनुसार, निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में कोमोरिन क्षेत्र से दक्षिण-पूर्वी अरब सागर होते हुए उत्तरी केरल तट तक पूर्वी हवाओं के प्रभाव से एक ट्रफ सक्रिय है। हिमाचल प्रदेश और उससे सटे पंजाब के ऊपर निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ मौजूद है, जिसके ऊपर मध्य एवं ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पछुआ हवाओं में लगभग 74° पूर्व देशांतर के साथ 28° उत्तर अक्षांश के उत्तर में एक ट्रफ बना हुआ है। इसके अलावा, निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में दक्षिण पंजाब से कच्छ तक एक ट्रफ फैला हुआ है, जबकि मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर ऊपरी वायुमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। औसत समुद्र तल से लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 130 नॉट की अधिकतम गति वाली उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम पूर्वोत्तर भारत के ऊपर बनी हुई है। आगामी मौसम की बात करें तो, 26 जनवरी 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। इसके अलावा, 30 जनवरी 2026 की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर-पश्चिम भारत पर असर डालने की संभावना जताई गई है।

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