देश के ज्यादातर राज्य गर्मी से जूझ रहे हैं और अब हीटवेव हालत खराब कर रही है। इसी बीच कुछ राज्यों में हल्की मौसमी गतिविधियां होने से प्री मानसून के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने इस सप्ताह उत्तर भारत में तापमान बढ़ेगा और यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी और लू का अलर्ट जारी किया है। अदगले 24 घंटे में पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से एक बार फिर से मौसम बदलेगा और हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर व उत्तराखंड के कुछ ऊंचे हिस्सों पर तेज हवाओं के साथ बारिश-बर्फबारी और ओलावृष्टि की चेतावनी है। स्काईमेट ने वीकेंड तक लगातार पूर्वोत्तर के राज्यों में मेघ गर्जन के साथ तूफान और मध्यम से भारी बारिश से मौसम खराब रहने का अनुमान व्यक्त किया है। हालांकि, झारखंड, ओडिशा, त्रिपुरा और छत्तीसगढ़ में हीटवेव परेशान करेगी। उधर, दक्षिण भारत और पश्चिमी घाट के साथ मराठवाड़ा, महाराष्ट्र और गुजरात के कई जिलों में धूल भरी अंधड़ और पानी बरसने के संकेत हैं।
मौसम आज-कल
यूपी में कब बारिश होगी
उत्तर प्रदेश भीषण गर्मी और लू की जद में है। राज्य के कई हिस्से 40 डिग्री सेल्सियस की गर्मी टॉर्चर झेल रहे हैं तो बुंदेलखंड में आसमान से आग बरस रही है! बांदा में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस है तो वाराणसी, प्रयागराज, झांसी समेत कई जिलों में लू के थपेड़े मुसीबत बने हुए हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने इस बीच राहत भरी खबर दी और 26 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं। आईएमडी का मानना है कि रविवार को पश्चिमी यूपी से आंधी और बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं, जो पूरे प्रदेश में अपना असर दिखाएगी। 28 अप्रैल तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ धूल वाली आंधी और बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है, जिससे लोगों को त्वरित गर्मी से राहत महसूस होगी।
बिहार में कब बारिश होगी
बिहार में गर्मी और लू के बीच अगले कुछ घंटे में मौसम के करवट लेने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय हो सकता है, जिसके असर से 24 और 25 अप्रैल को तेज धूल भरी आंधी और बूंदाबांदी या हल्की बारिश से मौसम बदल सकता है। मौसमी गतिविधियों के बीच ठनका गिरने का खतरा हो सकता है। फिलहाल, आईएमडी ने पटना, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, गया, औरंगाबाद, नवादा, रोहतास, अरवल, नालंदा और जहानाबाद में भीषण लू (Heatwave) चलने के आसार जताए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली-एनसीआर में लगातार अधिकतम में बढ़ोतरी से लोगों की परेशानियां बढ़ने लगी हैं। दिन में गर्म हवाएं चलने से लू का खतरा बढ़ गया है और इसका येलो अलर्ट भी घोषित कर दिया गया है। आईएमडी ने बताया कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है, जिसके बाद लू का अलर्ट जारी किया गया है। अगले सप्ताह 44 डिग्री तक तापमान जा सकता है। हालांकि, 26 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत हैं। आईएमडी ने रविवार से लेकर मंगलवार तक बीच-बीच में आंशिक तौर पर बादल छाए रहने की उम्मीद जताई है, जिससे गर्मी से हल्की राहत मिल सकती है। इस दौरान बूंदाबांदी की गतिविधियां भी हो सकती हैं। यानी अगले 2 दिन बाद बौछारें गिर सकती हैं। फिलहाल, प्रदूषण में ज्यादा राहत नहीं हैं। दिल्ली में एक्यूआई 200 के करीब है। सीपीसीबी के मुताबिक, 0 से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।
उत्तराखंड आज में कैसा रहेगा मौसम
उत्तराखंड के मैदानी जिलों में भीषण गर्मी से लोग बेहाल हो रहे हैं। करीब 10 शहरों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। हालांकि, पहाड़ी हिस्सों पर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव दिख रहा है। आईएमडी का पूर्वानुमान है कि अगले 3 दिन तक पहाड़ी हिस्सों पर बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि का अलर्ट है। इस दौरान पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों के ऊपरी हिस्सों पर आंधी के साथ बादल बर सकते हैं। कहीं-कहीं आकाशीय बिजली कड़कने का खतरा रहेगा। उधर, केदारनाथ की पहाड़ियों पर अभी भी बर्फ की चादर नजर आ रही है और ताममान माइनस 7 और बदरीनाथ में माइनस 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास है।
हिमाचल में बारिश होगी क्या
शिमला मौसम केंद्र में बताया कि अगले कुछ घंटे बाद लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। 24 से 29 अप्रैल तक एक नये पश्चिमी विक्षोभ के असर से कुल्लू, कांगड़ा, चंबा और मंडी में आंधी तूफान और बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं। इस दौरान आकाशीय बिजली और ओले गिरने का भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी का अनुमान है कि बारिश से तापमान पर असर पड़ेगा, जिससे लोगों को गर्मी से निजात मिलेगी। हालांकि, मैदानी हिस्सों पर मौसम का आंशिक असर रहेगा। उधर, कश्मीर के कुछ पर्वतीय हिस्सों पर विक्षोभ के असर से बारिश एवं बर्फबारी की चेतावनी है। खासकर, घाटी में मौसम बदलने से लोगों को सर्द मौसम का एहसास होगा। इस मौसम का असर कुछ मैदानी हिस्सों पर भी दिखाई दे सकता है। हालांकि, जम्मू के मैदानी भागों पर मौसम साफ और गर्म रहने का अनुमान है।
राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम
राजस्थान में गर्मी से हालत पतली है। अप्रैल माह में ही बारिश पारा रिकॉर्ड तोड़ रहा है। इससे अनुमान है कि मई-जून में स्थितियां और भी बदतर हो सकती हैं। आईएमडी ने कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट घोषित किया है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, जो सामान्य से अधिक है। अगले 2 से 3 दिन में पारा और बढ़ने के आसार जताए जा ररहे हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने जोधपुर संभाग में धूल भरी आंधी चलने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में राज्य में आंधी-बारिश की गतिविधियां गर्मी पर असर डाल सकती हैं।
दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग की मानें तो एक कमजोर एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक के ऊपर बना हुआ है, जिससे कई राज्यों में प्री मानसून के संकेत मिल रहे हैं। 27 अप्रैल से 2 मई के बीच दक्षिण भारत में मौसमी ट्रफ सक्रिय होगा और आंधी-तूफान की गतिविधियां बढ़ेंगी और कई हिस्सों पर बारिश से मौसम बदलेगा। फिलहाल, अगले 2 दिन आईएमडी ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, मराठवाड़ा, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों पर बारिश की संभावना है। हालांकि, अधिकांश राज्यों में लू परेशान करेगी।
पूर्वोत्तर में मौसम कैसा रहेगा?
पूर्वोत्तर में पिछले कई दिनों से साइक्लोनिक सर्कुलेशन का प्रभाव है, जिस कारण कई राज्यों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान और तेज बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं, जिससे मौसम काफी सुहावना है और तापमान कट्रोल है। आईएमडी ने अगले 24 घंटे के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड में तूफानी हवाओं के साथ, आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा जताया गया है। वहीं, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों पर भी हल्की बारिश मौसम बदला रहेगा।
24 अप्रैल (शुक्रवार) का तापमान
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 26°C | 43°C |
| जयपुर | 26°C | 39°C |
| भोपाल | 27°C | 40°C |
| मुंबई | 28°C | 34°C |
| चेन्नई | 27°C | 34°C |
| बेंगलुरु | 22°C | 36°C |
| कोलकाता | 27°C | 38°C |
| रांची | 24°C | 37°C |
| पटना | 26°C | 40°C |
| लखनऊ | 26°C | 42°C |
| चंडीगढ़ | 24°C | 39°C |
| देहरादून | 19°C | 32°C |
| शिमला | 16°C | 29°C |
| कश्मीर | 11°C | 21°C |
गर्मी कहां पड़ रही
देश के अधिकांश भागों पर तापमान में बढ़ोतरी जारी है। हालांकि, अभी भी हिमालयी राज्यों पर बर्फबारी से मौसम सर्द है, लेकिन उत्तर भारत में न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। लिहाजा, अगले सप्ताह तक मौसम काफी गर्म महसूस होगा। फिलहाल, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और गुजरात, महाराष्ट, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकांश भागों पर गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है। जल्द ही कुछ राज्यों में लू और सनबर्न का अलर्ट जारी हो सकता है।
हीटवेव क्या है?
मार्च की शुरुआत से ही अधिकांश राज्यों में तापमान बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिन में तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और रायमसीला में दिन का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। अगले 10 दिन में 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मैदानी इलाकों में हीटवेव के 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना आवश्यक है, जो सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होना चाहिए। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30 डिग्री सेल्सियस निर्धारित है। इस दौरान डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और जानलेवा हीटस्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है। ले चलमे से चक्कर आना, बेहोशी इत्यादि आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मी का सीजन शुरू होने के संकेत मिलने लगे है। लिहाजा गर्मियों के सीजन से बचाव के लिए सनबर्न का अलर्ट जारी किया जाता है। दरअसल, एक्सपर्ट के मुताबिक, सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक माना जाता है। चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के अधिक संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द महसूस होता है। यानी की अधिकांश केस में स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क प्रतीत होता है।
कब आएगा मानसून?
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि प्री मानसून जल्द ही दस्तक देख सकता है। हालांकि, जून महीने के दौरान मानसून एंट्री दे सकता है, लेकिन गति थोड़ी धीमी रहेगी और अत्यधिक बारिश की संभावना नहीं है। माना जा रहा है कि जून में उत्तर पश्चिम भारत में भीषण लू और गर्म हवाएं चलेंगी, लेकिन दक्षिण और पूर्वोत्तर में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तीव्र मानसून के आगे बढ़ने के आसार रहेंगे। हालांकि, मानसून सामान्य से कम रहेगा। उत्तर भारत में कम बल्कि पूर्वोत्तर भारत बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय में बेहतर बारिश को होने की उम्मीद है।
