Kal Ka Mausam: मौसम ने बदली चाल, बारिश के लिए हो जाइए तैयार! 22 से 27 सितंबर तक यूपी, बिहार और पूर्वोत्तर में बरसेंगे बादल, IMD का अलर्ट

Kal Ka Mausam 22 September 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है और कई राज्यों में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बन रही मजबूत मौसम प्रणाली का असर यूपी, बिहार, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में दिखाई दे सकता है। इस बीच तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है।

Kal Ka Mausam 22 September 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। वेदर सिस्टम की बात करें तो 21 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे IST तक पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (Marked Low Pressure Area) पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर पहुंच गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन में और इसके बाद अगले 24 घंटों में डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है।

Kal Ka Mausam

कल का मौसम

इसके बाद भी पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए यह 23 सितंबर की सुबह के आसपास उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट के पास पहुंच सकता है। इसके अलावा, उत्तर बंगाल की खाड़ी से निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के केंद्र तक निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर उत्तर-दक्षिण दिशा में एक ट्रफ बनी हुई है। इसी चक्रवाती परिसंचरण के केंद्र से उत्तर अंडमान सागर तक निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक अन्य ट्रफ सक्रिय है। मध्य तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में निचले से मध्य क्षोभमंडलीय स्तर के बीच ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण-पूर्वी अरब सागर से निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण तक एक ट्रफ फैली हुई है। पूर्व-मध्य और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर निचले से मध्य क्षोभमंडलीय स्तर के बीच ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। वहीं, मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) चक्रवाती परिसंचरण के रूप में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है।

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